ज़िन्दगी | मोहित चौहान | #अनलॉकदइमोशन

कैसी है ये ज़िन्दगी
कभी अनजानों को पास लाती है, तो कभी अपनो को दूर ले जाती है,
कभी खुशियों की बरसात तो कभी ग़मो का सेलाब लाती है
ना जाने, कैसे कैसे रंग दिखाती है ये ज़िन्दगी,

कभी लगता है कि बहुत कुछ हांसिल कर लिया, तो कभी खाली खाली महसूस होती है,
कभी सुलझी हुई,तो कभी एक पहेली की तरह उलझी हुई लगती है ये ज़िन्दगी,

कभी फूलों का ताज, तो कभी काँटों की सेज़ है ये ज़िन्दगी,
कभी किसी की याद मे, तो कभी किसी के इंतजा़र मे,
कभी अपनो की ख्वाहिशों को पूरा करते हुए,

तो कभी उनकी खा़तिर अपनी ख्वाहिशों को दफ्न करते हुए गुज़रती ये ज़िन्दगी,
कभी हँसाती है तो कभी रूलाती है,
हर रोज़ जीने का एक नया फ़ल्सफ़ा सिखाती है ये ज़िन्दगी

खुदा का दिया अनमोल तोहफा है ये ज़िन्दगी,
तो आओ, बिना किसी गिले शिकवे के हर पल खुशी से जियें,
क्या पता, कब हाथ से रेत की तरह फिसल जाये ये ज़िन्दगी।

 

 

-मोहित चौहान

 

Mohit Chauhan
Mohit Chauhan

536total visits,2visits today

2 thoughts on “ज़िन्दगी | मोहित चौहान | #अनलॉकदइमोशन

Leave a Reply