Untrending Mohabbat :: Vaidehi Sharma :: Love ‘Now-a-days’

मोहब्बत तो हमें तुमसे कई ज्यादा थी,
बस यूं कह लो कि तुम्हारी तरह ना थी,

रंग भर उसका लाल नहीं था,
करंट आशिकों सा तो हाल नहीं था,
उसकी रिप्लेसमेंट का ख्याल नहीं था,
शायद तभी इंस्टा का बवाल नहीं था,

करना उसको हलाल नहीं था,
नज़दीकी कोई बड़ा मॉल नहीं था,
उसके बाहों सा कोई शॉल नहीं था,
ऐसा नहीं है कि लड़का टॉल नहीं था ,

सेल्फीज़ का नया कोई ट्रॉल नहीं था ,
बाबू -बच्चा भी इनरोल नहीं था,
पासवर्ड जैसा पेचीदा सवाल नहीं था .
तब व्हाट्सएप्प भी इंस्टॉल नहीं था,

पैच-अप जैसा कोई कमाल नहीं था,
फिर ब्रेकअप का भी कोई मलाल नहीं था ,
अमूमन करता वो स्क्रॉल नहीं था,
एफ. बी. अकाउंट ओपन टू ऑल नहीं था,

डेटिंग का मायावी जाल नहीं था,
चैटिंग करवाने वाला भी कोई दलाल नहीं था,
इतना बड़ा भी दिल का वॉल नहीं था,
जियो वाला वीडियो कॉल नहीं था,

उसकी इच्छाओं पर कोई वार नहीं था,
बस उसके पास बस एक गिटार नहीं था,
करता कोई और तब एंथ्राल नहीं था,
स्नैपचैट में यूँ भी कोई फॉल नहीं था ,

हर कॉर्नर में कोई जमाल नहीं था,
टिंडर सा भी कोई बेमिसाल नहीं था,

बीच एहसासों का इस्तेमाल नही था,
लगाव करता तब गिर कर क्रॉल नहीं था,

इरादों से राबता अफ़ज़ाल नहीं था ,
मुकाम और भी थे महज़ विसाल नहीं था…!

-वैदेही

 

Vaidehi Sharma
Vaidehi Sharma
Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Share on TumblrShare on LinkedInPin on PinterestEmail this to someone

332total visits,1visits today

Leave a Reply