Tag: Vishal Swaroop Thakur

Manzil | Mid Night Diary | Vishal Swaroop Thakur | Dreams
Poetry

मंज़िल | विशाल स्वरुप ठाकुर | ड्रीम्स

पग की चंचलता ने जब मंज़िल को ललकारा है मंज़िल ने पग को तब तब अपनी ओर पुकारा है रुके हुए पगों को तो धरती भी बोझ ही माने है ब्रह्मांड में वसुंधरा को भीContinue reading

Short Stories

जरुरी बात | विशाल स्वरुप ठाकुर

कलाकार और सलाहकार में एक फासला होना चाहिए। मैं मानता हूँ कि कलाकार की जिंदगी में सलाहकार की कोई जरूरी आवश्यकता नहीं है। क्योकि कलाकार अपनी कला के माध्यम से बना है ना कि किसीContinue reading

Nishchhal Prem Ki Abhivyanjana | Mid Night Diary | Vishal Swaroop Thakur
Love, Micro Tales

निश्छल प्रेम की अभिव्यंजना | विशाल स्वरूप ठाकुर

हां आने लगी हो तुम मेरे सपनो में ख्वाबों के रस्ते पर चलते हुए। तुम वह तितली हो जो बाग़ को चारो तरफ से बंद किये जाने के बाद भी उस में आने से वंछितContinue reading

Love, Short Stories

लव स्टोरी | विशाल स्वरुप ठाकुर | टीचर’स डे स्पेशल

कुछ किताबों और कुछ चौक्स और एक डस्टर लिए तुम अपनी क्लास को पढ़ाकर निकल रही थी और ये वो समय था, जब मैं पहली बार तुम्हे देख रहा था। टीचर तो मैं नया थाContinue reading

Ganesh Ghaat - Ganesh Chaturthi Special
Short Stories

गणेश घात | विशाल स्वरुप ठाकुर | गणेश चतुर्थी स्पेशल

गंगा का वह गणेश घाट, दिमाग में टेंशन और जिंदगी की वह कसौटी जहाँ पर आदमी या तो कुछ कर गुज़र जाता है या गुज़र जाता है। कुछ कर गुज़रना तो इस वक्त मुमकिन नहींContinue reading

Micro Tales

मरा पड़ा शरीर | विशाल स्वरुप ठाकुर

देश में यूँ तो बहुत गरीब गाँव हैं, लेकिन जिसकी बात में कर रहा हूँ, उसकी बात ही कुछ और है। जहाँ एक ओर अमीरी के लिए होड़ है, तो इन गांवों में देखा जाताContinue reading