Tag: Vaidehi Sharma

Kyun Nahi | Mid Night Diary | Vaidehi
Poetry

Kyun Nhin | Vaidehi Sharma

मैं वो क्यों नहीं हूं जो मुझे होना चाहिए, मैं वो क्यों हूं जो मुझे नहीं होना चाहिए, क्यों नहीं मैं दूध भरा गिलास फैला देता, क्यों नहीं मैं स्याही हाथों पर लगा लेता, बालContinue reading

Wajood | Mid Night Diary | Vaidehi Sharma
Micro Tales

Wajood | Vaidehi Sharma

मेरा वक्त, मेरे सवाल, मेरे वहम… सब बिखरे पड़े थे जैसे किसी चादर की सलबटो से हो….. खामोशियाँ यूँ छाई थी जैसे, ना तू बोलना जनता हो ना मैँ.. मैंने उन अल्फ़ाज़ों को कई बारContinue reading

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Untrending Mohabbat :: Vaidehi Sharma :: Love ‘Now-a-days’

मोहब्बत तो हमें तुमसे कई ज्यादा थी, बस यूं कह लो कि तुम्हारी तरह ना थी, रंग भर उसका लाल नहीं था, करंट आशिकों सा तो हाल नहीं था, उसकी रिप्लेसमेंट का ख्याल नहीं था,Continue reading

Love, Short Stories

Kahani :: Vaidehi Sharma :: The Short Story

क्या याद है तुम्हें पिछले माह जब तुमने कहा था कि तुम मेरी किसी कहानी को अपने काम में ढालना चाहते हो तो यूँ लगा कि फिर किसी ने मुझे शून्य में धकेल दिया हो।Continue reading

Benaam Khat, Love

Kaatil :: Vaidehi Sharma

तुम्हारी आँखों की चमक से मेरा राबता उतना ही गहरा है, जितना हमारे दरमियान बैठे हुए इस सन्नाटे का है। हमारे दफ़न हो चुके जज़्बातों के साथ ठीक वैसे ही जैसे इसे किसी सख़्त चीख़Continue reading

Poetry

Kameez | Vaidehi Sharma | Mid Night Diary | Best Hindi Poetries

आज फिर कमीज़ के जेब की सिलाई उधड़ गई। अभी परसों ही जो तुमने लगाई थी हर माह की तरह सोच रहा हूँ क्यों ना नई कमीज़ ख़रीद लूँ। मेरी सोचों सी पुरानी ज़र्ज़र कमीज़Continue reading

Moujoodgi | Mid Night Diary | Vaidehi sharma
Benaam Khat, Love, Micro Tales

Moujoodgi

हाँ, यहाँ अब भी सब कुछ है। ठीक वैसा ही जैसा तुम छोड़ गए थे। अगर कुछ तब्दील हुआ तो महज़ वो रात की दिन में तब्दीली और फिर उस दिन की रात में… ऐसाContinue reading

Parda | Mid Night Diary | Vaidehi Sharma
Love, Poetry

Parda

जिस रोज़ पर्दे का गिरना होगा, मैं आऊँगा फिर तुमसे हाथ मिलाने, तुम्हें मुझे करीब से दिखाने, उन तालियों की गहरी आवाज़ों के बीच, उन लोगों की सुलगती आंखों के बीच, वो झिलमिलाती पोषाक उतारकर,Continue reading