Tag: Uttam Kumar

Wo Darti Hai | Mid Night Diary | Uttam Kumar
Poetry

वो डरती है | उत्तम कुमार

वो डरती है। साथ किसी के रहने से,साथ किसी के चलने से, साथ किसी के होने से,साथ किसी के जीने से, वो डरती है। बात किसी से करने से,बात किसी का सुनने से, बात किसीContinue reading

Poetry

घर | उत्तम कुमार

घर नहीं पिता कि मन्नत है, ये माँ कि बनाई हुई जन्नत है। यहाँ खुशियाँ बेशुमार और, आँसुओं कि किल्लत है, घर नहीं पिता कि मन्नत है। हर ओर फैली है सुख कि चादर, यहाँContinue reading

Wo Darti Hai | Mid Night Diary | Uttam Kumar
Poetry

वो डरती है | उत्तम कुमार

वो डरती है। साथ किसी के रहने से,साथ किसी के चलने से, साथ किसी के होने से,साथ किसी के जीने से, वो डरती है। बात किसी से करने से,बात किसी का सुनने से, बात किसीContinue reading

Poetry

फिर से | उत्तम कुमार

लो आ गया तेरे शहर में फिर से, क्या होंगी कुछ मुलाकातें फिर से, मोहब्बत न हो तो न ही सही, क्या होगीं कुछ बातें फिर से? मानता हूँ कि गलतफहमी का शिकार हो गईContinue reading