Tag: Upasana Pandey

Hausale Buland Hain | Mid Night Diary | Upasana Pandey
Poetry

हौसलें बुलंद हैं | उपासना पाण्डेय

कुछ वक्त की तरह थम से गये हम, कुछ रेत के जैसे बिखर गए हम, कुछ बंदिशे है अभी ज़िन्दगी में, कल खुले आसमान में उड़ना है हमे, अभी तलाश रही हूँ , एक खुलाContinue reading

Intzaar Us Pal Ka | Mid Night Diary | Upasana Pandey
Short Stories

इंतजार उस पल का | उपासना पाण्डेय

मेरी डायरी का पन्ने का हिस्सा-‘इंतजार’ तुम जब भी रूठने की कोशिश करते हो मैं तुम्हे आवाज देती हूँ, ‘राजीव’ सुनो न जब भी उससे ऐसे बोलती हूँ तो, वो पलटकर मुस्कुरा देता है जैसेContinue reading

Poetry

हर रात तन्हा गुजर जाती है | ‘उपासना पाण्डेय’ आकांक्षा

आज हर शाम तन्हा गुजर जाती है, किसी की याद में आंखे भर जाती है, बेचैनियों में काटती है मेरी राते, हर रात तन्हा गुजर जाती है, कोई शामिल नही मेरे दर्द में तेरे सिवा,Continue reading

Uncategorized

वासना नही प्रेम है ये | “उपासना पाण्डेय”आकांक्षा

अगर मैं तुमसे अपने दिल का हर हाल कहूं, तो वो प्रेम है मेरा, अगर मैं तुमसे मिलने का जिक्र करूं, तो वो मिलन जिस्म का नही रूह से रूह को मिलने की ख्वाहिश होगी,Continue reading