Tag: Swati Gothwal

Chandrma Kho Gya Kahin | Mid Night Diary | Swati Gothwal
Poetry

चंद्रमा खो गया है कहीं | स्वाति गोटवाल

प्रात काल के वक़्त जिस गुलाबी चंद्रमा पर बैठकर तुम और मैं ढेरों बातें करते थे ,वो चंद्रमा खो गया है कहीं। मेरी काली बिंदी के आकार जितना इस काले से संसार में, वो गुलाबीContinue reading

Mulakat | Mid Night Diary | Swati Goyal | Short Love Story
Love, Short Stories

मुलाकात | स्वाति गोठवाल | शार्ट लव स्टोरी

कुछ मिनटो की मुलाकात अक्सर याद रहे जाती है | उपस्थित परिस्थितियों में भी अगर सोच के दायरे में वो चंद मिनटो की मुलाकात बार बार आकर तुम्हे तंग कर रही , तुम्हें वर्तमान कीContinue reading