Tag: Surbhi Anand

Sawapan | Mid Night Diary | Surbhi Anand
Poetry

स्वपन | सुरभि आनदं

हवाओं में सन्नाटा धरती मेरे तले से गुम शायद तू आ रहा… केवड़ों की भीनीं-सी खुशबू पहचान गई तुम्हें कदमों की सरसराहट भाँप गई तुम्हें आँखें एैसे खुली थी, जैसे इनकी ओस को सिर्फ तुम्हारीContinue reading

Jajbaaton Ke Syaah | Mid Night Diary | Surbhi AnandJajbaaton Ke Syaah | Mid Night Diary | Surbhi AnandJajbaaton Ke Syaah | Mid Night Diary | Surbhi Anand
Love, Poetry

जज्बातों के स्याह | सुरभि आनंद

दरकती हुई दिल की गलियो में तुम मोड़ लेने आए थे मेरे अंदर तुम्हारा उत्साह ही नहीं जो मेरी ओस को जगा रहे हो, क्यूँ बहाना कर रहे हो, दुआओं-का मुझे खुशी नस्तर-सी चुभती है।Continue reading

Surakshit Aawaran | Mid Night Diary | Surbhi Anand
Love, Poetry

सुरक्षित आवरण | सुरभि आनदं

मैं ख्वाबों में हूँ, आकर मेरी कुछ पंक्तियां गुनगुना तो लो, मैं शहर के भीड़ में तन्हा हूँ, सामने मुखातिब हो मेरे चेहरे पर मुस्करा तो दो ! इस अल्हड़ नजर ने एक परिपक्व नजरContinue reading

Love, Poetry

Dharti Aakash Ka Aalingan

इतनी मोहाब्बत न करो मुझसे कहीं मैं डूब न जाऊँ समुद्र में उफनती लहरों की तरह कहीं खुद में से उफन तुझमें न गिर जाऊँ ! मोहाब्बत में तेरे आस्था की खुशबू थी तेरे कंधेContinue reading