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Tumhe Yaad Ho Ki Naa Yaad Ho | Mid Night Diary | Sumit Jha
Poetry

Tumhe Yaad Ho Ki Naa Yaad Ho | Sumit Jha

तुम्हें याद हो कि न याद हो, कि आज की जैसी ही रातों में कभी कुछ सालों पहले मैंने तुमसे और तुमने मुझसे प्रेम किया था! तुम्हें याद हो कि ना याद हो, कि इसीContinue reading