Tag: Roshan ‘Suman’ Mishra

Prem Me Phir Se Jeene Lga Hu | Mid Night Diary| Raushan Kumar 'Suman'
Love, Poetry

प्रेम में फिर से जीने लगा हूँ | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

तुम्हें पाने की कोशिशें खाक करके, खुद को पाने की राह पर चलने लगा हूँ। देख ना ले नजरें कोई तस्वीर तुम्हारी, बचपन के खिलौने सा छुपाने लगा हूँ। शहर में बदनाम हैं मेरे नामContinue reading

Roop Tumhari | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Love, Poetry

रूप तुम्हारी | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

घनी अंधेरी रातों में वो, दिखती पुनम सी प्यारी। जुल्फ घनेरी लट उलझे हैं, मेघ घनाघन सी कारी। माथे बिंदिया चमक रही है, उगते सूरज सी लाली। होंठों पर कपकपी टिकी है, छलकत जाम कीContinue reading

Curse of Modernity - "Blue Whale Challenge Game" | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Short Stories

कर्स ऑफ़ मॉडर्निटी – ‘ब्लू व्हले चैलेंज गेम’ | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

बात यही कुछ 7 से 8 साल पहले की है, मैं अपने रिस्तेदार के यहाँ कुछ दिनों के लिए गया था, उस वक्त उनके घर में बूढ़े दम्पति के अलावा उनकी एक पुत्रवधु और 6Continue reading

Kuch Misra | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Love, Poetry

कुछ मिसरा | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

बस इक आखिरी ख्वाब हो अब भी, यादों को इस कदर संजोया है हमने। रातें कटती है रोते हुए अब भी, आंसुओं से तकिये भिगोया है हमने।। देखता हूँ दर्पण बार बार अब भी, बड़ीContinue reading

Papa - One Dream | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Short Stories

पापा | एक ख्वाब | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

पापा अब भी याद है, जब मैंने पिंकू भईया के बारात में जाने की जिद्द पकड़ी थी। आप मुझे मना कर रहें थें कि नहीं तू मत जा अकेले, अभी तू छोटा है, बरात मेContinue reading