Tag: Roshan ‘Suman’ Mishra

Ekakipan | Mid Night Diary | Raushan Suman Mishra
Short Stories

एकाकीपन | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा 

रात के साढ़े आठ बज रहे हैं। दरवाजे पर डिबिया से आ रही हल्की रोशनी में अकेला सो रहा हूँ। झींगुर की झनझनाती आवाज मानों की मन में एक डर को पैदा कर रही है,Continue reading

Shahrikaran - Vardaan Ya Shraap | Mid Night Diary | Raushan Suman Mishra
Short Stories

“शहरीकरण” वरदान या शाप? | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

गाँव के पुरबारी मोहल्ले में एक नरायण बाबू थें। कहा जाता है कि गाँव की सत्तर फीसदी जमीन उनकी ही थी। यही नहीं गाँव के दस कोस में उनके सम्पति के बराबर वाला कोई नहींContinue reading

Short Stories

खत तुम्हारे नाम | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

सुनो प्रिय तुमसे एक बात कहनी थी लेकिन हमेशा से बेकाबू दिल पे काबू करते आया हूँ| तुम्हारे घर के सामने मेरी साईकिल का चैन उतरना भले ही तुम्हे “इत्तेफाक” लगता रहा हो, लेकिन मेरेContinue reading

RAJ! Naam To Suna Hi Hoga | Roshan 'Suman' Mishra | Comedy Tadka
Short Stories

राज! नाम तो सुना ही होगा | रोशन ‘सुमन’ मिश्रा | कॉमेडी तड़का

जनवरी की 5 तारीख… दूसरे दिन के अपेक्षा दूनी ठंढ़ महसूस हो रही थी सामने इतना कोहरा की हाथ भी नही सूझ रहा था इस सब के बीच स्कूल का पहला दिन…. पहला दिन काContinue reading

Dikhawati Aansu | Mid Night Diary | Raushan Suman Mishra
Poetry

दिखावटी आँसू | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

प्रश्न उठाना लाजमी है तेरी दोहरी नीति पर, लाश बिछाया था तुमने बुद्ध अहिंसा धरती पर, बूढ़े मासूमो को मारा जिहाद के जब नामोंं पर, महिलाओं की आबरू लूटी क्या सच्चे इमानों पर, तब कानोंContinue reading

Prem 'Tab Aur Ab' | Mid Night Diary | Raushan Suman Mishra | Love Aaj Kal
Short Stories

प्रेम ‘तब और अब’ | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा | लव आज कल

एक दौर वो भी था जब लड़के दिन में किसी चौक या चौराहे पर ही अपनी वाली को देख कर मन की मुरीदों को पूरा कर लेते थें और रात में उनकी यादों को संजोएContinue reading

Poetry

क्या करने लगा हूँ | रोशन ‘सुमन’ मिश्रा

तुम्हें पाने की कोशिशें खाक करके, खुद को पाने की राह पर चलने लगा हूँ। देख ना ले नजरें कोई तस्वीर तुम्हारी, बचपन के खिलौने सा छुपाने लगा हूँ। शहर में बदनाम हैं मेरे नामContinue reading

Tyohaar | Mid Night Diary | Raushan 'Suman' Mishra | Happy Diwali
Short Stories

त्योहार | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा | हैप्पी दिवाली

पूरा गाँव पिछले दो तीन दिन से तेल की खुशबुओं में सन गया है, लोग अस्त व्यस्त दिख रहे हैं। टोला के बिलट भी रामप्रसाद के दुकान से अपना सनुआ के लिए बीड़ी फटका लेContinue reading

Pardeshiyon Ke Mele | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Uncategorized

परदेशियों के मेले | रौशन ‘सुमन’ मिश्रा

घास पर बिखरे ओस की बुँदे छोटी छोटी मोतियों की तरह चमक रही है ठंडी नरम हवा मन को ओत प्रोत कर रही है, दूर तक खेतों में सिर्फ धान की कटी हुई जरें दिखाईContinue reading

Happy Diwali | Mid Night Diary | No firecrackers for Delhi-NCR | Roshan 'Suman' Mishra
Short Stories

हैप्पी दिवाली | नो फायर क्रैकर्स फॉर दिल्ली एनसीआर | रौशन सुमन मिश्रा

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बिक्री पर क्या आदेश दिए है या सुझाव, इसका हमारे गाँव के रजेस को इसकी कोई परवाह नहीं है… उसको तो इस बात कि चिंता खाये जा रही कि उसकी एकमात्रContinue reading