Tag: Roshan ‘Suman’ Mishra

Dikhawati Aansu | Mid Night Diary | Raushan Suman Mishra
Poetry

Dikhawati Aansu | Raushan Suman Mishra

प्रश्न उठाना लाजमी है तेरी दोहरी नीति पर, लाश बिछाया था तुमने बुद्ध अहिंसा धरती पर, बूढ़े मासूमो को मारा जिहाद के जब नामोंं पर, महिलाओं की आबरू लूटी क्या सच्चे इमानों पर, तब कानोंContinue reading

Poetry

Kya Karne Lga Hun | Roshan ‘Suman’ Mishra

तुम्हें पाने की कोशिशें खाक करके, खुद को पाने की राह पर चलने लगा हूँ। देख ना ले नजरें कोई तस्वीर तुम्हारी, बचपन के खिलौने सा छुपाने लगा हूँ। शहर में बदनाम हैं मेरे नामContinue reading

Tyohaar | Mid Night Diary | Raushan 'Suman' Mishra | Happy Diwali
Short Stories

Tyohaar | Raushan ‘Suman’ Mishra | Happy Diwali

पूरा गाँव पिछले दो तीन दिन से तेल की खुशबुओं में सन गया है, लोग अस्त व्यस्त दिख रहे हैं। टोला के बिलट भी रामप्रसाद के दुकान से अपना सनुआ के लिए बीड़ी फटका लेContinue reading

Pardeshiyon Ke Mele | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Uncategorized

Pardeshiyon Ke Mele | Roshan ‘Suman’ Mishra

घास पर बिखरे ओस की बुँदे छोटी छोटी मोतियों की तरह चमक रही है ठंडी नरम हवा मन को ओत प्रोत कर रही है, दूर तक खेतों में सिर्फ धान की कटी हुई जरें दिखाईContinue reading

Happy Diwali | Mid Night Diary | No firecrackers for Delhi-NCR | Roshan 'Suman' Mishra
Short Stories

Happy Diwali | No firecrackers for Delhi-NCR | Roshan ‘Suman’ Mishra

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बिक्री पर क्या आदेश दिए है या सुझाव, इसका हमारे गाँव के रजेस को इसकी कोई परवाह नहीं है… उसको तो इस बात कि चिंता खाये जा रही कि उसकी एकमात्रContinue reading

Prem Me Phir Se Jeene Lga Hu | Mid Night Diary| Raushan Kumar 'Suman'
Love, Poetry

Prem Me Phir Se Jeene Lga Hun :: Raushan Kumar ‘Suman’

तुम्हें पाने की कोशिशें खाक करके, खुद को पाने की राह पर चलने लगा हूँ। देख ना ले नजरें कोई तस्वीर तुम्हारी, बचपन के खिलौने सा छुपाने लगा हूँ। शहर में बदनाम हैं मेरे नामContinue reading

Roop Tumhari | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Love, Poetry

Roop Tumhaari

घनी अंधेरी रातों में वो, दिखती पुनम सी प्यारी। जुल्फ घनेरी लट उलझे हैं, मेघ घनाघन सी कारी। माथे बिंदिया चमक रही है, उगते सूरज सी लाली। होंठों पर कपकपी टिकी है, छलकत जाम कीContinue reading

Kuch Misra | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Love, Poetry

Kuch Misra

बस इक आखिरी ख्वाब हो अब भी, यादों को इस कदर संजोया है हमने। रातें कटती है रोते हुए अब भी, आंसुओं से तकिये भिगोया है हमने।। देखता हूँ दर्पण बार बार अब भी, बड़ीContinue reading