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Tum Yahi Ho Paas Mere | Mid Night Diary | Raghv Bharat
Love, Poetry

Tum Yahi Ho Paas Mere

सुनो ! तुम गर चले गये हो तो ये पायल की झंकार किसकी सुनता हूँ मैं। ये किसकी बिंदिया हैं जो आईने से मुझे देखती है । ये किसकी चूड़ियों की खनक है जो कानोContinue reading