Tag: Raghv Bharat

Paramatma Ke Sandesh | Mid Night Diary | Raghv Bharat
Short Stories

परमात्मा के सन्देश | राघव भरत

चलने से पहले आवाज़ यक़ीनन दी होगी उसने, यूँ ही कहाँ कोई ख़्वाबों में दस्तक देता है। आज नहीं कुछ दिनों बाद मिल लूंगा जाकर अभी मौसम बहुत सर्द है ,पहाड़ की बात और हैContinue reading

Tum Yahi Ho Paas Mere | Mid Night Diary | Raghv Bharat
Love, Poetry

तुम यहीं हो पास मेरे | राघव भारत

सुनो ! तुम गर चले गये हो तो ये पायल की झंकार किसकी सुनता हूँ मैं। ये किसकी बिंदिया हैं जो आईने से मुझे देखती है । ये किसकी चूड़ियों की खनक है जो कानोContinue reading

A Conversation with My BB* Blackberry Mobile | Mid Night Diary | Raghv Bharat
Short Stories

अ कन्वर्सेशन विथ माय बीबी ब्लैकबेरी | राघव भरत

अनुज बधू भगिनी सुत नारी । सुनु सठ कन्या सम ए चारी ॥ इन्हहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई । ताहि बधें कछु पाप न होई ॥ सूर्या देव जब धरती पर अपने आने के संकेत देContinue reading

Short Stories

नन्नी सी जान | राघव भरत

ईशा और गौरव छोटे से खूबसूरत पहाड़ों से घिरे शहर  में रहते थे । एक शाम गौरव के ऑफिस से आने पर ईशा ने उसे खुशखबरी दी के घर में नन्हा मेहमान आने वाला हैContinue reading