Tag: Priya Mehra

Poetry

दिल टूटा नहीं था मेरा | प्रिया मेहरा

दिल टूटा नहीं था मेरा, क्योंकि नेक था वो जिससे मुझे मोहब्बत हुई, मन भरने के बाद बड़ी ही हिफाज़त से लौटा गया दिल ये कह कर की नहीं कर सकता वो बेवफ़ाई अब मुझसेContinue reading

Hame Nirbhaya Mat Banao | Mid Night Diary | Priya Mehra | #16Dec
Poetry

हमें निर्भया मत बनाओ | प्रिय महरा | #१६दिसंबर

साल बीत गए लोग भुल गए, पर भुली नहीं मै वो रात, जब खेला था गंदा खेल , कुछ दरिंदो ने मेरे साथ मैं चीख रही थी चिल्ला रही थी अपने हाथों को जोड़ उनकेContinue reading