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Hame Nirbhaya Mat Banao | Mid Night Diary | Priya Mehra | #16Dec
Poetry

हमें निर्भया मत बनाओ | प्रिय महरा | #१६दिसंबर

साल बीत गए लोग भुल गए, पर भुली नहीं मै वो रात, जब खेला था गंदा खेल , कुछ दरिंदो ने मेरे साथ मैं चीख रही थी चिल्ला रही थी अपने हाथों को जोड़ उनकेContinue reading