Tag: Poetry

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दुआ कौन देगा | अमिता गौतम | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

तू चली गई दूर माँ, अब दुआ कौन देगा, भूख लगेंगी तो,खाने को पुआ कौन देगा, यहाँ कितने लोग है जो चाहते है मेरा बुरा, जब आएगी कोई मुश्किल, सलाह कौन देगा। अपने ज़ख्मो कीContinue reading

Maa Jeevan Ki Lay Hai | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS
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माँ जीवन की लय है | दिव्यांशु कश्यप “तेजस” | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

अगणित तानें हैं पर माँ जीवन की लय है। खुशियों के आंसू और गलती का भय है। और रिश्ते बहुत हैं इस दुनिया मे कहने को, पर माँ यदि तुम हो तो इस जग कीContinue reading

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माँ का साया | दीप्ति पाठक | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

वो ज़िन्दगी की तेज धूप में जो आँचल हमेशा मुझपर लहराया है, लगता है मेरी माँ का साया है, वो चांदनी हर रात में यूँ जो चाँद मुझे देख मुस्कुराया है,लगता है मेरी माँ काContinue reading

Maa | Mid Night Diary | Akash Singh Chandel | Mother's Day Special
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माँ | आकाश सिंह चंदेल | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

सात बजे का स्कूल था वो चार बजे उठ जाती थी। एक माँ ही तो थी, जो हर काम मेरा करवाती थी। पूरे घर का काम निपटा के, फिर वो मुझे पढ़ाती थी। एक माँContinue reading

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तुझपे मै क्या गीत लिखूं | कृष्ण कुमार पाण्डेय | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

हर शब्द तुझसे आता है, हर शब्द तुझ तक जाता है, शब्दों की पिरोकर माला, तुझको मै कैसे मीत लिखूं, तुझपे मै क्या गीत लिखूं, तुझपे मै क्या गीत लिखूं, रात भी तू है, तूContinue reading

Maa Sach Much Maa Hoti Hai | Mid Night Diary | Krishan Kumar Pandey | Mother's Day Special
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माँ सचमुच माँ होती है | कृष्ण कुमार पाण्डेय | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

नौ महीने तक वो अपने अंदर, किसी को पाल सकती है, बच्चा छोटा हो या बड़ा, वो बखूबी सँभाल सकती है, देने को किसी को नया जीवन, वो दर्द अथाह सह सकती है, खुद पेContinue reading

Maa | Mid Night Diary | Prajjval Nira Mishra | Mother's Day Special
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माँ | प्रज्ज्वल नीरा मिश्रा | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

माँ दूर है तो खुद को मैं बच्चा नही लगता। वो है नही तो ये शहर अच्छा नही लगता। जल्दी खा के सो जाना,जल्दी उठ जाना। यही है रोज़ का फसाना। पर सच बताऊं तोContinue reading

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परछाईं | प्रज्ज्वल नीरा मिश्रा | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

हर रिश्ते में ‘गम’ को,माँ ‘खुशियां’ कर देती है। बन कर परछाईं,जीवन मे रंग भर देती है। छोटी-छोटी बातों में भी बड़े बड़े सपने देखे। उसको याद रहें जीवन के सारे-सब लेखे-जोखे। दूर हो गएContinue reading

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वासना नही प्रेम है ये | “उपासना पाण्डेय”आकांक्षा

अगर मैं तुमसे अपने दिल का हर हाल कहूं, तो वो प्रेम है मेरा, अगर मैं तुमसे मिलने का जिक्र करूं, तो वो मिलन जिस्म का नही रूह से रूह को मिलने की ख्वाहिश होगी,Continue reading