Tag: Piyush Bhalse

Main, Wo Aur Anhoni | Mid Night Diary | Piyush Bhalse
Short Stories

मैं, वो और अनहोनी | पियूष भालसे

मैं-अनहोनी होगी शायद वो- अनहोनी? कैसी अनहोनी? मैं-अनहोनी जैसी । । वो- क्या? मैं- जिसका सुनकर पलको की साँसे रुक जाये,वो झपकना बंद कर दे। मुँह खुला का खुला रह जाये। शब्द का दम भीContinue reading

Micro Tales, Short Stories

काली उदासी | पियूष भालसे

  “तुम आजकल इतने उदास क्यों रहते हो?” “तुम्हें पता है मेरे साथ काली उदासी रहती है। उसके साथ रहते-रहते मैं भी अब कुछ उदास सा रहने लगा हूँ।” ” पर तुम क्यों उदास हो?कोईContinue reading