Tag: Mohit Chauhan

Poetry

तेरा चेहरा | मोहित चौहान

बेचैन करती इन रातों मे इस दिल को सुकूनियत देता है तेरा ये चेहरा, सर्द सुबह की खिलखिलाती धूप की तरह खिलखिलाता है तेरा ये चेहरा, घनघोर अंधेरे मे रोशिनी की पहली किरन है तेराContinue reading

Tumhari Aankhein | Mid Night Diary | Mohit Chauhan
Poetry

तुम्हारी खूबसूरती | मोहित चौहान

जब भी चलता है तुम्हारी आँखों का काला जादू, क्या बतायें तुम्हे ये दिल हो जाता है बेकाबू, एक अलग सा नशा है इन आँखों मे तुम्हारी, निहारते रहें इन नशीली आँखों को ये तमन्नाContinue reading

Aisa Kyun Hua Hai | Mid Night Diary | Mohit Chauhan
Poetry

ऐसा क्यों हुआ है | मोहित चौहान

ना जाने हर बार ऐसा क्यों हुआ है, चाहा जिसे भी मैने दूर मुझसे वो हुआ है, दर्द अब ये सहूँ कैसे, हाल-ए-दिल बयां करूँ भी तो कैसे, हुई मुझसे खता क्या इस दिल कोContinue reading