Tag: Mihir Pandey

Love, Poetry

Kalam Aur Tum

क़लम में स्याही भर ली है। आज न जाने क्यूँ लिखने को दिल चाहा है। तुम्हारे लिए लिखूँ या तुमसे जुड़ी यादें लिखूँ। ऊँगलियाँ को थोड़ा संकोच है। तुम्हारे बारे में सच लिख नहीं सकता।Continue reading