Tag: Micro Tale

Micro Tales

Ye Duniya Le Dekar Chalati Hai | Jay Verma

बात यदि प्रेम की हो तो सभी के हृदयों में गुदगुदी होने लगती है।यहाँ प्रेम से अभिप्राय प्रणय से अर्थात स्त्री-पुरुष के आकर्षण सम्बन्धी सम्बन्धों से है। जैसे ही प्रेम की बात उठती है हरContinue reading

Micro Tales

Shardi Ki EK Shaam | Saransh Shrivastava

सर्द मौसम था और हवा भी चुभने लगी थी अब, हालाँकि ये चुभन अच्छी भी लगती है। कोहरा और कोहरे को चीरते हुए रोज़ तुमतक आने का सुकून भी कुछ और ही होता है। रोज़ सुबहContinue reading

Micro Tales

Kaam Khatam | Musafir Tanzeem

रात के 2 बज रहे थे।चारों तरफ सन्नाटा और गलियों में सरकारी लाइटों का उजाला छाया हुआ था। सुमित के घर की बेल लगातार बज रही थी,ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ी मुसीबत में होContinue reading

Ek Shaam | Mid Night Diary | Aman Singh | The Last Meeting
Benaam Khat

Ek Shaam | Aman Singh | The Last Meeting

याद है तुम्हें, कुछ हफ्तों पहले.. शाम के वक़्त साथ बैठे हुये, तुमनें मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया था और मैं बिना एक लफ्ज़ कहे, आँखों के अश्क़ों से कितना कुछ कह गयाContinue reading

Benaam Khat

Tohfaa | Aman Singh | Diwali – A Gift Of Love

पिछले कई हफ्ते सिर्फ इसी जद्दोजहद में गुजार दिये कि आखिर तुम्हें तोहफ़े में क्या दूँ? देने को ऐसे ही कुछ भी कैसे दे दूं? तुम्हें बस यूँही कुछ खास या बेहद खास नहीं देनाContinue reading

Ashudh | Mid Night Diary | Aayush Paul
Micro Tales

Ashudh | Aayush Paul

सूरज की पहली किरण खिड़की के दरारों से होते हुए दस बाय बारह के कमरे में दुर्गेश की आँखों को सिकोड़ ही रही थी कि माँ की आवाज़ कानो तक पहुच गयी, पर माँ केContinue reading

Beti Ke Naam Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Surtakar
Micro Tales

Beti Ke Naam Khat | Hridesh Kumar Surtakar

प्रिय बेटा, जब तुम करीब 1 साल की थी, तब मैंने तुम्हें पहली बार अपनी गोद मे उठाया था। वो 1 साल का वक्त इसलिए लगा क्यों कि तुम बहुत नाजुक थी, और मेरे हाथ लोहे काContinue reading

Main Aur Mera One Side Love | Mid Night Diary | Bhavna Tripathi | One Sided Love Micro Tale
Micro Tales

Main Aur Mera One Side Love | Bhavna Tripathi | One Sided Love Micro Tale

पता नहीं तुम्हें याद होगा भी कि नहीं पर मुझे तो याद है सबकुछ, हाँ! सबकुछ क्लास, कैंटीन, कैंपस, एनुअल प्रोग्राम,उसमें परफॉर्म करती तुम और तुम से जुड़ा सब, क्योंकि मुझे ही तो था तुमसे,वहContinue reading

Intejar-e-Mulaqaat | Mid Night Diary | Manjari Soni
Micro Tales

Intejar-e-Mulaqaat | Manjari Soni

दबे पाव ख़ामोशी से ऊँची-नीची सीड़ियों से होते हुए ,तुम शहर के बाहर वाले टूटे-फूटे महल की छत पर आना ,मैं बना के लाऊँगी मैथि के पराँठे खटे मीठे निम्बू के अचार के साथ फिरContinue reading

Wajood | Mid Night Diary | Vaidehi Sharma
Micro Tales

Wajood | Vaidehi Sharma

मेरा वक्त, मेरे सवाल, मेरे वहम… सब बिखरे पड़े थे जैसे किसी चादर की सलबटो से हो….. खामोशियाँ यूँ छाई थी जैसे, ना तू बोलना जनता हो ना मैँ.. मैंने उन अल्फ़ाज़ों को कई बारContinue reading