Tag: Manjari Soni

Bachpan Jee Liya Karo | Manjari Soni | Happy Children's Day
#UnmuktIndia, Poetry

Bachpan Jee Liya Karo | Manjari Soni | Happy Children’s Day

वो जो बीत गया है बचपन तुम उसे बुला लिया करो, जहाँ कहीं मौका मिले तुम इसे जी लिया करो।। कभी यूँही दरवाज़े के पीछे छुपकर अपने दोस्तों को भौं कर दिया करो दफ़्तर में हींContinue reading

Samaaj Ke Thekedaar | Mid Night Diary | Manjari Soni
Poetry

Samaaj Ke Thekedaar | Manjari Soni

लो आगये समाज के ठेकेदार बात करने मेरे हक़ की ।। अब ये करेंगे बात बेटी को बचाने की उनके ख़ुद के घर में बेटा हो इसलिए की इन्होंने पूजाएँ थी मारा था इन्होंने हीContinue reading

Intejar-e-Mulaqaat | Mid Night Diary | Manjari Soni
Micro Tales

Intejar-e-Mulaqaat | Manjari Soni

दबे पाव ख़ामोशी से ऊँची-नीची सीड़ियों से होते हुए ,तुम शहर के बाहर वाले टूटे-फूटे महल की छत पर आना ,मैं बना के लाऊँगी मैथि के पराँठे खटे मीठे निम्बू के अचार के साथ फिरContinue reading

Poetry

Umr Ke Do Padaav :: Manjari Soni

कल पार्क में उम्र के दो पड़ाव को झूला झूलते देखा, नादानी अौर समझदारी को एक साथ देखा ।। एक उलझनो में उलझा उदास, दूसरा उत्साह से भरपूर बिंदास, दोनो की मुस्कान में बहुत अंतरContinue reading

Jaruri Tha | Mid Night Diary | Manjari Soni
Love, Poetry

Jaruri Tha

अब जाना मैंने के जाना उसका ज़रूरी था। दर्दनाक हीं सही लेकिन उस हादसे का होना ज़रूरी था।।   हमारे सवरने के लिये उसका हमें तोड़ना ज़रूरी था। ख़ुद का हाथ थामने के लिये उसकाContinue reading