Tag: Kavi Mastana

Bullet | Mid Night Diary | Mastana
Poetry

बुलेट | मस्ताना

सड़को पे सोता इंसान घर मे बैठा बेरोज़गार कूड़े मे मुँह मारता कंकाल, और गरीबो के विकास मे अब बुलेट दौड़ेगा, मेरे हिन्दुस्तान मे। नॉर्मल ट्रेन समय पर नही ना अपनी स्पीड मे यहाँ वहाँContinue reading

Chalo Dharm Ka Yvapaar Karein | Mid Night Diary | Mastana
Poetry

चलो धर्म का व्यापार करें | मस्ताना

चलो यार कुछ काम करे जग मे रोशन नाम करे धर्म – संस्कृति का मटियामेट ऋषि-मुनियों को बदनाम करे चलो धर्म का व्यापार करे। आओ नाम मे राम जोड़ ले मान-सम्मान,ऐशो-आराम मिलेगा शक-संदेह नही कोईContinue reading