Tag: Hridesh Kumar

Khel Jism Ka | Mid Night Diary | Hridesh Kumar | #UnlockTheEmotion
Short Stories

खेल जिस्म का | हृदेश कुमार | #अनलॉकदइमोशन

भागते भागते चबूतरे से नीचे उतर कर कुनाल ने हस्ते हुएे अपनी बड़ी बहन अंजली को पीछे देखा और अपने दोनो हाथो के अंगुठे को उसकी तरफ हिलाते हुये चिडाने लगा ,और बोला दीदी देखोContinue reading

Purana Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Sutrakar
Poetry

पुराना ख़त | हृदेश कुमार सूत्रकार

लिखा पुराना खत् मेरा क्या तुमसे खोला जायेगा? या कहा मेरा सब कुछ बाबा से बोला जायेगा ! बो आधी रात कि आधी बातें, वो आधे वादे सीधे साधे, कुछ किस्से राजा रानी के, वोContinue reading

Beti Ke Naam Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Surtakar
Micro Tales

बेटी के नाम ख़त | हृदेश कुमार सूत्रकार

प्रिय बेटा, जब तुम करीब 1 साल की थी, तब मैंने तुम्हें पहली बार अपनी गोद मे उठाया था। वो 1 साल का वक्त इसलिए लगा क्यों कि तुम बहुत नाजुक थी, और मेरे हाथ लोहे काContinue reading

Ishq Sarhad Paar Ka | Mid Night Diary | Hridesh Kumar
Poetry

इश्क़ सरहद पार का | हृदेश कुमार सूत्रकार

मुझे अब तो डर भी लगने लगा है .. कल खाना खाते वक़्त माँ ने मुझसे पूछा की अगर कोई लड़की पसंद हो तो बता दो ! सच कहु मैंने सर झुका कर मना करContinue reading

Papa Ek Baat Btaao | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Sutrakar
Poetry

पापा एक बात बताओ | हृदेश कुमार सूत्रकार

पापा एक बात बताओ जब में पैदा हुआ तो क्या कोई साथ में लाया था, उस खत में मैंने नाम के संग क्या मजहब,जात किसीसे लिखवाया था। में किस राज्य का हूँ , या देशContinue reading

Short Stories

गुड़ की डली | हृदेश कुमार सूत्रकार | बेस्ड ऑन फॉर्मर सुसाइड केस

हाथ में पत्थर उठा कर जोर से चिल्लाते हुए, भग सुबह सुबह भो भो करती रहती है, ये भूरी और कुछ काम तो हैं नहीं, हम ही खिलाये इसे और हमारी ही नींद ख़राब करे,Continue reading