Tag: Hridesh Kumar

Purana Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Sutrakar
Poetry

Purana Khat | Hridesh Kumar Sutrakar

लिखा पुराना खत् मेरा क्या तुमसे खोला जायेगा? या कहा मेरा सब कुछ बाबा से बोला जायेगा ! बो आधी रात कि आधी बातें, वो आधे वादे सीधे साधे, कुछ किस्से राजा रानी के, वोContinue reading

Beti Ke Naam Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Surtakar
Micro Tales

Beti Ke Naam Khat | Hridesh Kumar Surtakar

प्रिय बेटा, जब तुम करीब 1 साल की थी, तब मैंने तुम्हें पहली बार अपनी गोद मे उठाया था। वो 1 साल का वक्त इसलिए लगा क्यों कि तुम बहुत नाजुक थी, और मेरे हाथ लोहे काContinue reading

Papa Ek Baat Btaao | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Sutrakar
Poetry

Papa Ek Baat Btaao | Hridesh Kumar Sutrakar

पापा एक बात बताओ जब में पैदा हुआ तो क्या कोई साथ में लाया था, उस खत में मैंने नाम के संग क्या मजहब,जात किसीसे लिखवाया था। में किस राज्य का हूँ , या देशContinue reading