Tag: Divyanshu Kashyap TEJAS

Dekho | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS | #UnlockTheEmotion
Poetry

देखो | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’ | #अनलॉकदइमोशन

अभी तो हुई हैं सिर्फ आँखों से पहचान देखो औ’ उतर गए हो तुम साँसों में बनके जान देखो।। एक रोज जो न पूंछा हाल-ए-दिल हमने उनका हो गए हैं इतने में ही वो कितनाContinue reading

Poetry

तो लिखना | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’ | #अनलॉकदइमोशन

तोड़ कर ये बंदिशे कभी इधर भी हो आना,तो लिखना । पत्ते सूखे और घर उजड़ा हुआ वो पाना, तो लिखना ।। शौक़ उठते है पर चलते नहीं बुढ़ापे में याद आ जाये गर जवानीContinue reading

Tu Pyaar Na Kar | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS
Poetry

तू प्यार न कर | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’

तू मेरी जान मुझको इतना प्यार न कर, नयनों के अनुबंधो से मुझ पर अधिकार न कर गिरा के बिजलियॉ हुस्न की मुझ पर ये अपनी तू सुकून ए दिल को मेरे गिरफ्तार न कर,Continue reading

Ghazal

खोने का डर | दिव्यांशु कश्यप ‘तेजस’

तुझे पाने की चाहत नहीं मुझको, पर तुझे खोने का डर लगता है। रिश्ता भी कुछ खास नहीं तुझसे, पर ये डर मुझको हर पहर लगता है।। खानाबदोश जिन्दगी थी मेरी अब से पहले परContinue reading

Gharwale | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap 'Tejas'
Poetry

घरवाले | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’

चाहूॅ तो भी वो दिलवाले नहीं मिलेंगे लौट कर अब वो घरवाले नहीं मिलेंगे ।। फिक्र तो है दुनिया को भी, इस गाफिल की पर पापा की ऑखों जैसे रखवाले नहीं मिलेंगे ।। पेट तोContinue reading

#OneGoOneImpact, Poetry

बचपन | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’ | #उन्मुक्तइंडिया | #बचपनबोलताहै

हॅसी हताश, खिलौने उदास, किलकारी गुमनाम है। शायद आज के दौर में  बचपन इसी का नाम है। न जाने क्यूॅ महरूम है वो अपनों की मोहब्बत से। शायद आज के दौर में मॉ-बाप को बहुतContinue reading

Thoda Aur Ruk Jaate | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS
Love, Poetry

थोड़ा और रुक जाते | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’

तू रोज कहती थी कि मेरा हक है तुझपे, तू कभी ये जता देती तो रुक जाते। ख़त तो तूने भी बहुत लिखे मुझको, जुबॉ से कभी ये बता देती तो रुक जाते। सजती थीContinue reading