Tag: Divyanshu Kashyap TEJAS

Ghazal

Khone Ka Dar | Divyanshu Kashyap ‘Tejas’

तुझे पाने की चाहत नहीं मुझको, पर तुझे खोने का डर लगता है। रिश्ता भी कुछ खास नहीं तुझसे, पर ये डर मुझको हर पहर लगता है।। खानाबदोश जिन्दगी थी मेरी अब से पहले परContinue reading

Gharwale | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap 'Tejas'
Poetry

Gharwale | Divyanshu Kashyap ‘Tejas’

चाहूॅ तो भी वो दिलवाले नहीं मिलेंगे लौट कर अब वो घरवाले नहीं मिलेंगे ।। फिक्र तो है दुनिया को भी, इस गाफिल की पर पापा की ऑखों जैसे रखवाले नहीं मिलेंगे ।। पेट तोContinue reading

#OneGoOneImpact, Poetry

Bachpan

हॅसी हताश, खिलौने उदास, किलकारी गुमनाम है। शायद आज के दौर में  बचपन इसी का नाम है। न जाने क्यूॅ महरूम है वो अपनों की मोहब्बत से। शायद आज के दौर में मॉ-बाप को बहुतContinue reading

Thoda Aur Ruk Jaate | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS
Love, Poetry

Thoda Aur Ruk Jaate

तू रोज कहती थी कि मेरा हक है तुझपे, तू कभी ये जता देती तो रुक जाते। ख़त तो तूने भी बहुत लिखे मुझको, जुबॉ से कभी ये बता देती तो रुक जाते। सजती थीContinue reading