Tag: Benaam Khat

Lag Ja Gale | Mid Night Diary | Aman Singh
Benaam Khat

Lag Ja Gale | Aman Singh | Benaam Khat

तुमने जब भी मुझे गले लगाना चाहा है, मैंने तुम्हारी बाहों में खुद को सौपने से पहले अपने हाथ खोलकर तुम्हें अपने सीने में छुपा लिया। मैं ऐसा सिर्फ इसलिये ही नहीं करता कि तुम्हारेContinue reading

Ek Shaam | Mid Night Diary | Aman Singh | The Last Meeting
Benaam Khat

Ek Shaam | Aman Singh | The Last Meeting

याद है तुम्हें, कुछ हफ्तों पहले.. शाम के वक़्त साथ बैठे हुये, तुमनें मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया था और मैं बिना एक लफ्ज़ कहे, आँखों के अश्क़ों से कितना कुछ कह गयाContinue reading

Benaam Khat

Tohfaa | Aman Singh | Diwali – A Gift Of Love

पिछले कई हफ्ते सिर्फ इसी जद्दोजहद में गुजार दिये कि आखिर तुम्हें तोहफ़े में क्या दूँ? देने को ऐसे ही कुछ भी कैसे दे दूं? तुम्हें बस यूँही कुछ खास या बेहद खास नहीं देनाContinue reading

Benaam Khat, Love

Kaatil :: Vaidehi Sharma

तुम्हारी आँखों की चमक से मेरा राबता उतना ही गहरा है, जितना हमारे दरमियान बैठे हुए इस सन्नाटे का है। हमारे दफ़न हो चुके जज़्बातों के साथ ठीक वैसे ही जैसे इसे किसी सख़्त चीख़Continue reading

Ujjhan 'Stress' | Mid Night Diary | Aman Singh
Benaam Khat, Love, Micro Tales

Uljhan

बस यह समझ लो कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूँ? हसूँ, मुस्कुराऊँ, रोऊँ या चिल्लाऊँ… कोई तकलीफ़ होती तो कहता, कोई दुःख होता तो ज़ाहिर करता लेकिन इस उलझन का क्याContinue reading

Moujoodgi | Mid Night Diary | Vaidehi sharma
Benaam Khat, Love, Micro Tales

Moujoodgi

हाँ, यहाँ अब भी सब कुछ है। ठीक वैसा ही जैसा तुम छोड़ गए थे। अगर कुछ तब्दील हुआ तो महज़ वो रात की दिन में तब्दीली और फिर उस दिन की रात में… ऐसाContinue reading

Benaam Khat, Micro Tales

Manmarziyan

पहले मैं कुछ और सोच रहा था, लेकिन अब कुछ और सोच रहा हूँ.. पर यह सोचना भी कितना मुश्किल है कि ऐसा क्या सोच रहा हूँ कि जिसके लिए इतना सोचना पड़ रहा है।Continue reading

Tumhari Aankhein
Benaam Khat, Love, Micro Tales, Short Stories

Tumhari Aankhein

बातें करना कोई तुमसे सीखे, कुछ न कहकर भी कितना कुछ बोल जाती हो तुम। हर बात को लफ़्ज़ों में कहा जाये ये जरूरी नहीं, और हर बात को शब्दों से बाँध कर कागज़ परContinue reading

muskaan love
Benaam Khat, Micro Tales

Muskaan

बारिश के इस मौसम में खुद को भीगने से बचाना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल है तुमसे नज़रें चुराना.. तुम सामने हो और तुम्हें न देखूं, कोशिश तो हर बार करता हूँ पर, खुदContinue reading

OneGoOneImpact
#OneGoOneImpact, Benaam Khat, Love, Micro Tales, Short Stories

Nannhi Khushiyaan

अभी तक यही जानता था कि खुशियाँ खरीदी नहीं जा सकती और न ही सुकून की कोई कीमत लगाईं जा सकती है लेकिन, लेकिन यह सच भी कितना गलत निकला बिल्कुल उसी बात की तरहContinue reading