Tag: Ashwani Singh

Adhoora Khwaab | Mid Night Diary | Ashwani Singh | #UnlockTheEmotion
Short Stories

अधूरा ख़्वाब | अश्वनी सिंह | #अनलॉकदइमोशन

तुम्हे जब पहली दफा देखा तो सोचा अपने दिल की कब्र खोद के फिर से अपनी मोहब्बत को जिंदा’ करू और लगा जो धागा पुरानी मोहब्बत के खातिर मजार. में बाँधा था उसकी बरकत आज़Continue reading

Poetry

रक्त- ए-सफ़र | अश्वनी सिंह

मेरे रख्त-ए-सफ़र में लमहात के अलावा क्या था दिल के ताक़-ए-हरम में जलते चराग़ के अलावा क्या था साँसें हुई ज़र्रात सी सौ बार फ़िर भी रूह का सुकूँ अलहदा था शामें फ़िरदौस की होतीContinue reading

RaktBeez | Mid Night Diary | Ashwani Singh
Poetry

रक्तबीज | अश्वनी सिंह

मैं हवा का दम रखता हूँ शूल कुचलता जाऊँगा काली का मुझमे भेष हैं रक्तबीज निगलता जाऊँगा त्रिशूल सा हूँ तेज मैं मैं क्रोध का भण्डार हूँ हिमालय मुझे हैं लांघना मैं अग्नि का श्रृंगारContinue reading

Sab Humein Kabool Hai | Mid Night Diary | Ashwani Singh
Poetry

सब हमें कबूल है | अश्वनी सिंह

वो खिज़ा में झड़ते पत्ते वो नदी का सूखा जाना वो जन्नत तक जाते रश्ते वो साखों का झुक जाना सब हमे क़ुबूल हैं वो इश्क़ के तामीर छत्ते वो परिंदे का वापस आना वोContinue reading