Tag: Ashish Kumar Lodhi

Poetry

Kissa Hi Sahi | Ashish Kumar Lodhi

हवा की उस सरसराहट का हिस्सा हूँ मैं, जो सुनाया जा सकूँ, वो किस्सा हूँ मैं, अगर गलती से सुनाया, तो लड़ जाओगे, फैसला भर के लिए मिट – मर जाओगे, लड़ोगे इसलिए कि क्याContinue reading

Fareb | Mid Night Diary | Ashish Kumar Lodhi
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Fareb | Ashish Kumar Lodhi

सब निकले बेवफा इस कदर, कि दिवारों के भी कान हो गए, जिसे समझा हमने सोने का महल, पल भर में श्मशान हो गए। वो कहते हम दिल के गरीब, खुद शहर के बेवफा हैं,Continue reading

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Maa | Ashish Kumar Lodhi

कभी-कभी मैं बेचैन हो जाता हूँ, माँ से कही बातें सोचकर, कि मैं सही हूँ | पता नहीं, शायद वो एक गायक हैं, या एक मनोवैज्ञानिक, जो मेरी आवाज़ के गंभीर उतार – चढ़ावों को,Continue reading

Feri Walaa | Mid Night Diary | Ashish Kumar Lodhi
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Feri Walaa :: Ashish Kumar Lodhi

वो घूम जाते हैं पूरा बाजार, और सीधा अपने घर। मगर हाँ, कभी-कभी खरीद लेते हैं, दूसरे के जरूरत का सामान, जैसे कुछ रंग-बिरंगे गुब्बारे, कभी खिलौने, कभी सब्जी, कभी बर्फ का जखीरा, कभी-कभी एकContinue reading