Tag: Arvindra Rahul

Kar Liye Jaaye | Mid Night Diary | Arvindra Rahul
Poetry

कर लिए जाये | अरविन्द्र राहुल

डर का अंजाम भुगतने से अच्छा क्या है उसका सामना कर लिए जाये। यूँ रोज रोज मरने से अच्छा क्या है। मौत को ही जिंदगी का मायना कर लिए जाये। मंजिल को पाकर भी खुशContinue reading

Poetry

इन्साफ | अरविन्द्र राहुल

ये नाम आंखें ,मुरछाया चेहरा। झुकी कमर और दुःख का पहरा। देख रहे हो … ये हरिया हे। कचहरी के रोज दो चार चक्कर लगता हे। पहले अपने बाप के साथ आता था। आज अपनेContinue reading