Tag: Archana Mishra

Hazaar Khwaab | Mid Night Diary | Archana Mishra
Love, Poetry

हज़ार ख्वाब | अर्चना मिश्रा

रुक-रुक कर बारिश का आना, मुझे तुम्हारा ख़्वाब दे जाता है। ये चलते-चलते आसमां में, अचानक चाँद का बादलों में छुप जाना भी, तुम्हारा ख़्वाब दिखाता है मुझे।   तुम्हारा ही ख़्वाब आता है मनContinue reading

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वक़्त का बदलता मिज़ाज़ | अर्चना मिश्रा

आज तुम हो साथ, तो चाँद भी मुंडेर पर मुस्कुरा रहा है। क्यों ना तुम्हें देखते-देखते, मैं आज उसके सारे रंग अपनी आँखों में भर लूँ। आज तुम हो साथ, तो चाँद भी मुंडेर परContinue reading

Short Stories

ब्लू व्हेल | अर्चना मिश्रा

प्रीतम बैठा हुआ था। चेहरे पर वही पुरानी उदासी के भाव लेकर। उसे समझ नहीं आता था कि आखिर वह ऐसा क्या करे जिससे उसके अस्तित्व के सशक्त होने का प्रमाण लोगों को मिल सके।Continue reading