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Naari | Mid Night Diary | Anuup Kamal Agrawal
Poetry

नारी | अनूप कमल अग्रवाल

मैं गौरी हूँ, मैं कारी हूँ मैं ही माँ तुम्हारी हूँ जिस नारी को देते गारि मैं ही वो बेचारी हूँ। मैं गिरिजा हूँ, मैं भूमिजा हूँ मैं ही शिव की प्यारी हूँ मैं ब्रह्माणी,Continue reading