Tag: Anupama verma

Swabhavik Pyaar | Mid Night Diary | Anupama Verma | Love Poetry
Love, Poetry

Swabhavik Pyaar | Anupama Verma | Love Poetry

खास नही है प्यार मेरा जो कल आम हो जाएगा स्वाभाविक है मेरा प्यार खुदा भी ना बदल पाएगा जो गर तू समक्ष है मेरे तो मै कृतज्ञ होती हूँ वेदना से मक्ति तुझसे मिलकरContinue reading

Poetry

Anyatha Vyarth Tera Jeena Hai

स्वार्थ सिद्धि कर रहा धरा पर व्यर्थ बोझ तू स्वयं से आगे बढकर देख आएगा स्वयं के फिर करीब तू जब तलक प्राण शेष है कर दूसरो पर निसार तू अन्यथा व्यर्थ तेरा जीना हैContinue reading

Short Stories

Kaash! Mummy Papa Modern Hote

काश मम्मी पापा माडर्न होते, ज्यादा नही बस इतने ही कि वो हर दिन झगडा करने के वक्त मेरे कान मे रूई डाल कर उन्हे बंद करने का रिवाज अपना लेते। पर ऐसा नही हैContinue reading

Baarish | Mid Night Diary | Anupama verma
Love, Poetry

Baarish

धरती पर आज फिर, बूंदो की चादर बिछी मोहब्बत बेहिसाब है, कि नजर हटती ही नही बूंदो की फुहार से, धरती को फिर राहत मिली हमे मिली ना राहत, पर उम्मीद तो मिल ही गयीContinue reading