Tag: Anubhav Kush

Ghazal

रिहा हो जाएं | अनुभव कुश | #अनलॉकदइमोशन

इस दफा तुझपे मुश्किल बस इतनी आए, एक ईद का चांद हो और धुंध समां हो जाए। तुम ग़ज़ल रचो मुझसे तामीर हो कविता, जब तुक मिला बैठे तो खुदा रज़ा हो जाए। उतार तोContinue reading

Short Stories

प्रपोजल प्रेजेंटेशन | अनुभव कुश | अ लवस्टोरी फ्रॉम स्कूल डेज

मैंने कदम बढ़ाया………कदम बढ़ाते ही मैं एक नीले रंग के चैनल को पार कर चुका था। एक बेचैनी थी मन में, होती भी क्यूं ना आखिर स्कूल के अलावा किसी इंस्टिट्यूट में पहली बार गयाContinue reading

Lakadi Ka Radio | Mid Night Diary | Anubhav Kush
Short Stories

लकड़ी का रेडिओ | अनुभव कुश

दीवाली……! दीवाली सिर्फ दीवाली नहीं बल्कि एक ओवरडोज होता है। सबकुछ तो होता है इसमें – सफाई, दीवारों में नए रंग, बहुत सारी झालरें और पटाखे भी। उन दिनों मेरी उम्र थी बारह साल, क्लासContinue reading