Tag: Aditi Chatterjee

Poetry

मेरा पहला प्यार | अदिति चटर्जी

बिना झिझक लोगों से मिलना, रोज़ नए दोस्त बनाना, इज़हार-ए-मोहब्बत बिन सोचे कर जाना, सबकुछ हमेशा से ऐसा नहीं था। पलके झुकी रह गईं थी, घबराहट के कितने घूंट उतरे थे, बेक़रारियों-बेचैनियों का आलम था,Continue reading

Poetry

लड़का होना | अदिति चटर्जी | #मीटू

मुस्कुराता मौज में, वो रमता इधर उधर, पुचकारते थे लोग उसको, वो जाता था जिधर, छोटी साड़ी पहनाकर बिंदी उसको लगाती थी लड़की सा सजा उसको माँ खूब दुलार जताती थी। वो नान्हा बच्चा धीरेContinue reading

Poetry

ज़ुस्तज़ू-ए-यार | अदिति चटर्जी

जुस्तजू-ए-यार में मशरूफ होना गर लाज़मी है, कू-ए-दिल में हंगामा होना तो लाज़मी है। वो भी आएगा के जब आएगी मेरी याद, मोहब्बत में इतना गुमान होना तो लाज़मी है। पड़ी धुप गर जो मिज़्गान-ए-यार,Continue reading

Poetry

आज भी | अदिति चटर्जी | लॉस्ट लव

मेरे दिल में तेरी फ़िक्र आज भी है, लबों पे दिन-रात तेरा ज़िक्र आज भी है, शर्मा के झुक जाती है आँखे ये इनमें झलकती तेरे होने की खुशी आज भी है… यूं तो अबContinue reading

Short Stories

सामाजिक कैद | अदिति चटर्जी

कभी इधर- कभी उधर, उफ्फ्फ! आज तो नींद ही नहीं आ रही। आए भी तो कैसे, इतने दिनों से इंतज़ार था स्वतंत्रता दिवस के आने का, 2 साल हो गए हैं क्लासिकल वोकल संगीत सीखतेContinue reading