Tag: Aditi Chatterjee

Wo Kahte Hain Main Galat Hun | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

वो कहते हैं मैं ग़लत हूँ | अदिति चटर्जी

वो कहते हैं मैं ग़लत हूँ… क्योंकि मैंने अपने इर्द- गिर्द अपना ज़ोन बनाया, जो उनके बनाये ज़ोन पर एक काँच की पतली परत बना देता है उनके रेंगते मोटे काले साँप सा रूढ़ीवादी नियमContinue reading

Tanhaai | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

तन्हाई | अदिति चटर्जी

है मेरी हमसफर, ये तन्हाई अकेले में लिपटकर प्यार जताती है अपना भिड़ में देखती रहती है मुझे दूर से शायद दिलाना चाहती हो एहसास उसके साथ का। मेरी आँखों में सिमटकर ढूँढ़ती रहती हैContinue reading

Ek Adhoori Kavita | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

एक अधुरी कविता | अदिति चटर्जी 

क्या कभी किसी कविता को अधूरा छोड़ तुमने बेमन से दूसरे काम को ‘हाँ’ कहा है? महसूस किया है क्या उस ‘हाँ’ का खरखस होना और गले का चीर जाना, जिसपे खून भी आ गयाContinue reading

Baaton Ki Purani Si Nayi Painting | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee | #UnlockTheEmotion
Micro Tales

बातों की पुरानी सी नयी पेंटिंग | अदिती चटर्जी | #अनलॉकदइमोशन

बातों की पुरानी सी नयी पेंटिंग के कुछ रंग ज़रा चटकने लगे हैं, शायद मशरूफ है वो किसी दूसरे काम में… मैंने कोशिश की कुछ रंगो को और मिलाकर ठीक उसे वैसा ही करने कीContinue reading

Nirbhaya | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee | #16Dec
Poetry

निर्भया | अदिति चटर्जी | #१६दिसंबर

कल फिर एक और शाम बीत गई, बस लेकर उसका नाम बीत गई। हमने फिर चौहराहो पे दीए जलाए, मोमबत्तियाँ हाथों में लिए जलाए, दिसम्बर की सर्दी में फिर खून में गर्मी हुई, हुई नमContinue reading

Aaj Mujhse Kuch Likha Na Gaya | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

आज मुझसे कुछ लिखा नहीं गया | अदिति चटर्जी

हज़ारो ख्याल ऐसे टकराए कुछ भी संभाला ना गया, सहफ़ा-सिय़ाही सब थी विसाल-ए-हर्फ़ न हो पाया, होश-ओ-दानिश बाँधे भी दश्त-ए-दिल में खोता गया। आज मुझसे कुछ लिखा ना गया। ए’तिमाद था अल्फ़ाज़ों पे एक एकContinue reading

Tawayaf Ki Beti | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

तवायफ़ की बेटी | अदिति चटर्जी

हर रात घड़ी कि सुई मुझको चुभती है, ये बेदर्दी रात, ये घूप अँधेरा और माँ का इंतज़ार बढ़ता ही जाता है। सुरज ढलते ही रोज़ माँ काम पे निकल जाती है, वो जिस्म नहींContinue reading

Wo Milte Rahe | Aditi Chatterjee | Love A Cross Border
Poetry

वो मिलते रहे | अदिति चटर्जी | लव अक्रॉस बोर्डेर

इश्क़ में कितने हसीं सौगात मिलते रहें, टूट कर बाज़ुओं में वो मिलते रहें ।। दस्तूर-ए-जहां ये सब भूल कर, दिल-ए-आशियाँ में वो मिलते रहें । और दीदार-ए-सनम जो इबादत बना, पीछे मस्जिद के वोContinue reading

Poetry

खुदा का सौदा | अदिति चटर्जी

आहटों से टूटी नींद, मैं सहम गई, कभी इस कमरे कभी उस कमरे कभी यहाँ कभी वहाँ गई, हल्की फुलकी रौशनी थी, पाँचवे पे काँटा था, ‘रहने भी दो! कोई वहम होगा’ अभी तो मोहल्लेContinue reading

Abhi Baaki Hai | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

अभी बाकी है | अदिति चटर्जी

कुछ शिकायत, कुछ सवाल अभी बाकी है, मेरा होना थोड़ा और बुरा हाल अभी बाकी है, किसी शाम बैठ कर करेंगे इसपे बात कि एक और मुलाक़ात अभी बाकी है। पूछना है तुमसे कि वोContinue reading