Tag: Aditi Chatterjee

Tawayaf Ki Beti | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

Tawayaf Ki Beti | Aditi Chatterjee

हर रात घड़ी कि सुई मुझको चुभती है, ये बेदर्दी रात, ये घूप अँधेरा और माँ का इंतज़ार बढ़ता ही जाता है। सुरज ढलते ही रोज़ माँ काम पे निकल जाती है, वो जिस्म नहींContinue reading

Wo Milte Rahe | Aditi Chatterjee | Love A Cross Border
Poetry

Wo Milte Rahe | Aditi Chatterjee | Love Across Border

इश्क़ में कितने हसीं सौगात मिलते रहें, टूट कर बाज़ुओं में वो मिलते रहें ।। दस्तूर-ए-जहां ये सब भूल कर, दिल-ए-आशियाँ में वो मिलते रहें । और दीदार-ए-सनम जो इबादत बना, पीछे मस्जिद के वोContinue reading

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Khuda Ka Sauda | Aditi Chatterjee

आहटों से टूटी नींद, मैं सहम गई, कभी इस कमरे कभी उस कमरे कभी यहाँ कभी वहाँ गई, हल्की फुलकी रौशनी थी, पाँचवे पे काँटा था, ‘रहने भी दो! कोई वहम होगा’ अभी तो मोहल्लेContinue reading

Abhi Baaki Hai | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

Abhi Baaki Hai | Aditi Chatterjee

कुछ शिकायत, कुछ सवाल अभी बाकी है, मेरा होना थोड़ा और बुरा हाल अभी बाकी है, किसी शाम बैठ कर करेंगे इसपे बात कि एक और मुलाक़ात अभी बाकी है। पूछना है तुमसे कि वोContinue reading

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Mera Pehla Pyaar | Aditi Chatterjee

बिना झिझक लोगों से मिलना, रोज़ नए दोस्त बनाना, इज़हार-ए-मोहब्बत बिन सोचे कर जाना, सबकुछ हमेशा से ऐसा नहीं था। पलके झुकी रह गईं थी, घबराहट के कितने घूंट उतरे थे, बेक़रारियों-बेचैनियों का आलम था,Continue reading

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Ladka Hona | Aditi Chatterjee | #MeToo

मुस्कुराता मौज में, वो रमता इधर उधर, पुचकारते थे लोग उसको, वो जाता था जिधर, छोटी साड़ी पहनाकर बिंदी उसको लगाती थी लड़की सा सजा उसको माँ खूब दुलार जताती थी। वो नान्हा बच्चा धीरेContinue reading

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Zustzoo-E-Yaar | Aditi Chatterjee

जुस्तजू-ए-यार में मशरूफ होना गर लाज़मी है, कू-ए-दिल में हंगामा होना तो लाज़मी है। वो भी आएगा के जब आएगी मेरी याद, मोहब्बत में इतना गुमान होना तो लाज़मी है। पड़ी धुप गर जो मिज़्गान-ए-यार,Continue reading

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Aaj Bhi | Aditi Chatterjee | Lost Love

मेरे दिल में तेरी फ़िक्र आज भी है, लबों पे दिन-रात तेरा ज़िक्र आज भी है, शर्मा के झुक जाती है आँखे ये इनमें झलकती तेरे होने की खुशी आज भी है… यूं तो अबContinue reading

Short Stories

Samazik Kaid

कभी इधर- कभी उधर, उफ्फ्फ! आज तो नींद ही नहीं आ रही। आए भी तो कैसे, इतने दिनों से इंतज़ार था स्वतंत्रता दिवस के आने का, 2 साल हो गए हैं क्लासिकल वोकल संगीत सीखतेContinue reading