Tag: Aditi Chatterjee

Baaton Ki Purani Si Nayi Painting | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee | #UnlockTheEmotion
Micro Tales

बातों की पुरानी सी नयी पेंटिंग | अदिती चटर्जी | #अनलॉकदइमोशन

बातों की पुरानी सी नयी पेंटिंग के कुछ रंग ज़रा चटकने लगे हैं, शायद मशरूफ है वो किसी दूसरे काम में… मैंने कोशिश की कुछ रंगो को और मिलाकर ठीक उसे वैसा ही करने कीContinue reading

Nirbhaya | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee | #16Dec
Poetry

निर्भया | अदिति चटर्जी | #१६दिसंबर

कल फिर एक और शाम बीत गई, बस लेकर उसका नाम बीत गई। हमने फिर चौहराहो पे दीए जलाए, मोमबत्तियाँ हाथों में लिए जलाए, दिसम्बर की सर्दी में फिर खून में गर्मी हुई, हुई नमContinue reading

Aaj Mujhse Kuch Likha Na Gaya | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

आज मुझसे कुछ लिखा नहीं गया | अदिति चटर्जी

हज़ारो ख्याल ऐसे टकराए कुछ भी संभाला ना गया, सहफ़ा-सिय़ाही सब थी विसाल-ए-हर्फ़ न हो पाया, होश-ओ-दानिश बाँधे भी दश्त-ए-दिल में खोता गया। आज मुझसे कुछ लिखा ना गया। ए’तिमाद था अल्फ़ाज़ों पे एक एकContinue reading

Tawayaf Ki Beti | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

तवायफ़ की बेटी | अदिति चटर्जी

हर रात घड़ी कि सुई मुझको चुभती है, ये बेदर्दी रात, ये घूप अँधेरा और माँ का इंतज़ार बढ़ता ही जाता है। सुरज ढलते ही रोज़ माँ काम पे निकल जाती है, वो जिस्म नहींContinue reading

Wo Milte Rahe | Aditi Chatterjee | Love A Cross Border
Poetry

वो मिलते रहे | अदिति चटर्जी | लव अक्रॉस बोर्डेर

इश्क़ में कितने हसीं सौगात मिलते रहें, टूट कर बाज़ुओं में वो मिलते रहें ।। दस्तूर-ए-जहां ये सब भूल कर, दिल-ए-आशियाँ में वो मिलते रहें । और दीदार-ए-सनम जो इबादत बना, पीछे मस्जिद के वोContinue reading

Poetry

खुदा का सौदा | अदिति चटर्जी

आहटों से टूटी नींद, मैं सहम गई, कभी इस कमरे कभी उस कमरे कभी यहाँ कभी वहाँ गई, हल्की फुलकी रौशनी थी, पाँचवे पे काँटा था, ‘रहने भी दो! कोई वहम होगा’ अभी तो मोहल्लेContinue reading

Abhi Baaki Hai | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

अभी बाकी है | अदिति चटर्जी

कुछ शिकायत, कुछ सवाल अभी बाकी है, मेरा होना थोड़ा और बुरा हाल अभी बाकी है, किसी शाम बैठ कर करेंगे इसपे बात कि एक और मुलाक़ात अभी बाकी है। पूछना है तुमसे कि वोContinue reading

Poetry

मेरा पहला प्यार | अदिति चटर्जी

बिना झिझक लोगों से मिलना, रोज़ नए दोस्त बनाना, इज़हार-ए-मोहब्बत बिन सोचे कर जाना, सबकुछ हमेशा से ऐसा नहीं था। पलके झुकी रह गईं थी, घबराहट के कितने घूंट उतरे थे, बेक़रारियों-बेचैनियों का आलम था,Continue reading

Poetry

लड़का होना | अदिति चटर्जी | #मीटू

मुस्कुराता मौज में, वो रमता इधर उधर, पुचकारते थे लोग उसको, वो जाता था जिधर, छोटी साड़ी पहनाकर बिंदी उसको लगाती थी लड़की सा सजा उसको माँ खूब दुलार जताती थी। वो नान्हा बच्चा धीरेContinue reading

Poetry

ज़ुस्तज़ू-ए-यार | अदिति चटर्जी

जुस्तजू-ए-यार में मशरूफ होना गर लाज़मी है, कू-ए-दिल में हंगामा होना तो लाज़मी है। वो भी आएगा के जब आएगी मेरी याद, मोहब्बत में इतना गुमान होना तो लाज़मी है। पड़ी धुप गर जो मिज़्गान-ए-यार,Continue reading