Tag: Abhishek yadav

Paristhiti Aur Swabhav | Mid Night Diary | Abhishek Yadav
Poetry

Paristhiti Aur Swabhav | Abhishek Yadav

क्यूँ शांत हो तुम, मजे की बात है हँसते क्यूँ नही, क्या छिपा है तुम्हारे भीतर बतलाते क्यूँ नहीं । क्या बतलाऊँ मैं… शायद हमने खुद में हँसना,गाना,रोना सीख लिया है, शायद इन्हें चेहरे परContinue reading

Poetry

Drin Sankalp | Abhishek Yadav | My Pride India

डगर-डगर पर पहर-पहर में हम मिलते हैं नए लोगों से, मिलते हैं नए लोगों से और नए-नए विचारों से, हमने उनसे कुछ सीख लिया और अपना जीवन देख लिया, अब बारी है हमारी कुछ करContinue reading