Tag: Abhinav Saxena

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पहली बार | अभिनव सक्सेना | #नज़्म

मेरी मुस्कुराहट हमेशा से झूठी नहीं थी, और न ही मैं कभी उलझा हुआ था। बस मोहब्बत से नफरत सी है तुम्हारे बाद। तुम मुझे न तो मिल पायीं न मैं कभी खो ही पायाContinue reading

Kisi Ko To Shikayat Ho Rahi Hai | Mid Night Diary | Abhinav Saxena | Ghazal
Ghazal

किसी को तो शिकायत हो रही है | अभिनव सक्सेना | ग़ज़ल

मिरी खुद से अदावत हो रही है, हमें ये किसकी आदत हो रही है। हमीं से खुद नहीं मिल पा रहे हम किसी को तो शिकायत हो रही है। यहां पेड़ों के साये हैं बहुतContinue reading