Silly Baatein | Mid Night Diary | Akanki Sharma

सिली बातें | एकांकी शर्मा

“भैया, आप इतनी सिली बातें कैसे कर लेते हो?”

“मैंने कब कुछ सिली कहा?”

“ये जो अभी………….”

“”मकसद तुम्हें हँसाना होता है।”

“मेरी हँसी आपको अज़ीज़ है ना?”

“बहुत।”

“पर मैं हँस के क्या करुँगी? नहीं, मेरा मतलब हँसती तो हूँ।”

“हाँ, दिख रही है सारी हँसी तुम्हारी।”

“और नहीं तो क्या? हँसती रहूँगी तो हँसी ही दिखेगी ना हर जगह?”

“हम्म! ये नाम आँखों वाली हँसी……….”

“………..मैं मैं सदा हँसती चली जाऊँगी।”

– एकांकी शर्मा 

 

Akanki Sharma (Writer Saahiba)
Akanki Sharma (Writer Saahiba)

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