Purana Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Sutrakar

Purana Khat | Hridesh Kumar Sutrakar

लिखा पुराना खत् मेरा
क्या तुमसे खोला जायेगा?

या कहा मेरा सब कुछ
बाबा से बोला जायेगा !

बो आधी रात कि आधी बातें,
वो आधे वादे सीधे साधे,
कुछ किस्से राजा रानी के,
वो भीगा आंचल बिन पानी के,
क्या ये सारा राज भी
खोला जायेगा ?

या सिर्फ मेरा नाम बस
बाबा से बोला जायेगा ।

अगर कहीं मेहंदी मे,
तेरे मेहबूब के नाम संग
मेरा शब्द नजर आ जाये तो
क्या ,तब भी
तुम्हे मेरे नाम से चिडाया जायेगा?‌

ये सब सुन
तुमसे सच मे
क्या तब भी शर्माया जायेगा ।।

कुछ झुमके, कुछ पायल
कुछ बिंदिया और थोड़ा सा काजल,
मेरा दिया ये सामान
तुमसे क्या अब भी छिपाया जायेगा?

या सब खारिज कर
बाबा के कदमों मे फेंक दिया जायेगा ।।

लिखा पुराना खत मेरा
क्या तुमसे खोला जायेगा?

या बदल कर नाम उससे
किसी और को सताया जायेगा ।।

 

-हृदेश कुमार 

 

Hridesh Kumar
Hridesh Kumar
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