Punar Janam | Mid Night Diary | Amrit | IshqDaari

पुनर जन्म | अमृत | इश्क़दारी

गड्ढे से काम नही चलेगा,
कुआँ खोदो,
और उसमें गाड़ दो।

नंगी आग पर, नंगा ही लिटा दो,
और ठूँस दो मुँह में,
उल्टी, धुआँ उगलती चिमनी।

पेड़ से लटकाओगे फंदे में,
तो जमीन तक पहुँच जाएंगे,
पाँव इसके,
इसको गहरी खाई में लटकाओ।

इसकी जड़ें काटो नही,
उखाड़ दो,
कि बाकी न रहें कोई भी संभावना,
इसके पुनर्जन्म की,

के ये जो इश्क़ है न,
इसके शाखों पे,
ज़िंदा लाशें फलती है।

 

 

-अमृत

 

Amrit
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