पहली मुलाक़ात | आँचल शुक्ला | #अनलॉकदइमोशन

वो पहली मुलाक़ात
हम थे कुछ पल साथ

वो भी मुझे बार-बार झपकती हुई पलकों से
अपनी आँखों में कैद कर रहे थे..
और मैं भी शरमा कर थोड़ी-थोड़ी उनमें गुम हो रही थी…

दिल का क्या कुसूर ये तो आँखें थी जो एक नज़र भर के उसे देखना चाहती थी…
और उन खूबसूरत लम्हों को उम्र भर के लिए आँखों में कैद करना करना चाहती थी…

धीरे-धीरे वो पल भी करीब आया जब दोनों की नज़रों को एक साथ मिलते पाया…
बस यूं लगा वक़्त ने दो जिस्मों के सायों को एक साथ मिलवाया…

वो धीमी-धीमी सी हँसी, वो हल्की-हल्की सी ख़ामोशी
कहना तो बहुत कुछ चाहती थीं…
मानो कुछ पल के लिए उसकी बाँहों के घेरें में सिमटना चाहती थीं…

वो उसकी बेबाक सी बातें, वो उसकी हसीन सी मुस्कुराहटें…
दे रहीं थी दिल को मेरे हर लम्हा सुकून सी राहतें…

उसके क़दमों का मेरी ओर बढ़ना, ना जाने क्यूँ होंठों पर ख़ामोशी का ताला लगा गया…
कुछ पल के लिए ही सही बस यूं लगा, वक़्त मुझे मेरे हमसफ़र से मिला गया…

उसका यूँ करीब आना, मेरी साँसों को रेल की रफ़्तार सा बढ़ाना…
बेहद मुमकिन था दोनों का एक-दूसरे में खो जाना…

बेशक दोनों एक-दूसरे पर मरते थे, बहुत कुछ था कहने को दिल में मगर…
फिर भी ना जाने क्यूँ कहने से डरते थे…

वो पहली मुलाक़ात
हम थे कुछ पल साथ

 

 

-आँचल शुक्ला

 

Anchal Shukla
Anchal Shukla

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