Naman - Hindi Divas Special | Mid Night Diary | Shridhar Nath Gandhi

नमन | श्रीधर नाथ गाँधी | हिंदी दिवस स्पेशल

इस भारत भूमि के जन-जन की
स्वासों मे बसती
हिन्दी को नमन में करता हूँ।
यहां की हर बात मे हिन्दी होने की बात को नमन में करता हूँ।

52 वर्णों और देवनागरी लिपि वाली
हिन्दी को नमन मे करता हूँ ,
इसके लेखन के ही उच्चारण होने की बात को नमन में करता हूँ।

50 करोड़ हिन्दीभाषी लोगो की हिन्दी को नमन मैं करता हूँ ,
विश्व मे सर्वाधिक बोली जाने वाली
महान हिन्दी को नमन में करता हूँ।

नमस्कार कहने पर शीष झुक जाये
उस हिन्दी की नम्रता पर में शीष झुकाता हूँ ,
समांन , कोमलता झलकती जिसके हर शब्दों मे उस विनय भाषा को नमन में करता हूँ।

हजार वर्षो से जो
सामान्यजन की भाषा रही
उस प्राचीन भाषा को नमन में करता हूँ ,
दूसरी भाषाओ से परस्पर
शब्दों का व्यवहार रहा
उस सहयोगी भाषा को नमन मे करता हूँ।

सुर कबीर और रहीम के दोहो की
हिन्दी को नमन मे करता हूँ ,
प्रसाद , प्रेमचंद और वर्मा की अमर कलम की अमर हिन्दी को नमन मे करता हूँ।

विमुख होती उन पश्चिमप्रेमी की
छूटती हिन्दी को नमन मे करता हूँ ,
करना जीवन मे जिसके लिए कुछ
हिन्दीप्रेमी बनकर
उस हिन्दी को नमन मे करता हूँ।

गर्व मिलता जिसे कहने मे
उस हिन्दी को नमन मे करता हूँ ,
आज के दिन राजभाषा बनी मेरी मातृभाषा को नमन मे करता हूँ।

 

-श्रीधर गांधी

 

Shridhar Nath Gandhi
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