Main, Tum Aur Ishq | Mid Night Diary | Saransh Shrivastva

Main, Tum Aur Ishq | Saransh Shrivastava

मुझे बेवफा कहने वाले मेरे हमनफस
तुमने तो वफ़ा की थी ना?

चलो
माना कि हम चले गए थे

पर क्या तुमने मुझे कभी पुकारा?
नहीं….

क्या तुमने कभी खुले आस्मां की आगोश में मुझसे खुल के बात की??
नहीं…

मेरे हर दर्द भरे लम्हो में अपनी उलझने गिनवा दी तुमने
हर वक़्त ख्याल रहा तो सिर्फ तुम्हारा
इस बात का भी तुम्हे इल्म नहीं

फ़िक्र तुम्हारी
ज़िक्र तुम्हारा
चार सू रहा इत्र भी तुम्हारा

अपनी वफ़ा का दावा करने वाले
सुनो
हम जब बिखरकर टूट गए टुकड़ो में और फिर तुम्हारी मजबूरियां

उफ़
ये हद के पार था मेरी जान
और तुम ही कहते थे ना
इश्क़ कभी एकतरफा नहीं होता…

 

-सारांश

 

Saransh Shrivastava
Saransh Shrivastava
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