Maa | Mid Night Diary | Prajjval Nira Mishra | Mother's Day Special

माँ | प्रज्ज्वल नीरा मिश्रा | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

माँ दूर है तो खुद को मैं बच्चा नही लगता।
वो है नही तो ये शहर अच्छा नही लगता।

जल्दी खा के सो जाना,जल्दी उठ जाना।
यही है रोज़ का फसाना।

पर सच बताऊं तो हॉस्टल का खाना ।
मुझे अच्छा नही लगता।

माँ दूर हूँ तो खुद को मैं बच्चा नही लगता।
कॉलेज ,कैटिनन और दोस्तो के साथ चिल्ल में बीत जाता है दिन।

पर माँ का काल ना आये तो दिन अच्छा नही लगता।
माँ दूर है तो खुद को मैं बच्चा नही लगता।

सोंचता हूँ ये बातें माँ को भी याद आती होंगी।
मिलने की कोशिश में बांहे खुल जाती होंगी।

पर तेरा सपना है जो उसको भी तो निभाना है।
तूने कहा था कि एक दिन तुझे बड़ा आदमी बन के दिखाना है।

पर कंही बड़ा बनने की चाह में,सच का बड़ा ना हो जाऊं।
जो पल बीत रहे है फिर उन्हें ना पाऊं।

इन सवालों का जवाब ढूंढना भी अब मुझे अच्छा नही लगता।
माँ दूर हूँ तो खुद को मैं बच्चा नही लगता।

चलो कोई नही कह के आगे बढ़ जाते हैं।
दूर हैं तो क्या,माँ से लाइव चैट पे मिल आते हैं।

दूरियां तो बस जीवन का एक हिस्सा है।
मुझमे बाकी अब भी माँ का एक बच्चा है।
माँ का एक बच्चा है।

 

-प्रज्ज्वल नीरा मिश्रा

 

Prajjval Nira Mishra
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