Maa | Mid Night Diary | Akash Singh Chandel | Mother's Day Special

माँ | आकाश सिंह चंदेल | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

सात बजे का स्कूल था
वो चार बजे उठ जाती थी।

एक माँ ही तो थी,
जो हर काम मेरा करवाती थी।

पूरे घर का काम निपटा के,
फिर वो मुझे पढ़ाती थी।

एक माँ ही तो थी,
जो हर काम मेरा करवाती थी।

मुझे सुबह स्कूल भेजकर,
पापा का टिफिन लगाती थी।

सारे काम वही करती थी,
कभी ना आराम फरमाती थी।

||आज भी याद है मुझे जब मेरे एग्जाम सुरु होते थे तो दरअसल मेरे काम मेरी माँ कर ज्यादा होते थे ||

पहले मेरे नोट्स खुद समझ कर,
फिर वो मुझे पढ़ाती थी।

फिर पूरे घर का काम करके,
फिर वो मुझे सुलाती थी।

न कोई शिकवा न कोई शिकायत,
वो तो बस मुश्कान चाहती थी।

मेरी छोटी सी खुशी के पीछे,
वो पापा से लड़ जाती थी।

पापा से पैसे अपनी साड़ी के मांगकर,
मुझे वो सूट दिलवाती थी।

एक माँ ही तो थी,
जो हर काम मेरा करवाती थी।

 

Akash Singh Chandel
Akash Singh Chandel

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18 thoughts on “माँ | आकाश सिंह चंदेल | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

  1. maa to maa hi hoti hai, maa hi h vo jo hme sabse jyada samjhti h lekin akash ji thoda or deepli ja sakte the.

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