Lallu Miyaan | Mid Night Diary | Shubham Negi | Comedy

लल्लू मियाँ | शुभम नेगी | कॉमेडी

लल्लू मियां निकले घर से सज धज हो तैयार
पूछा जब तो बोले भैया जा रहा बाजार।

जा रहा बाजार कि भैया ले लूँ कुछ सामान
बीच बाजार में मिल गयी इनको गणित की एक दुकान।

गणित की एक दुकान कि जहाँ नंबर बेचे जाएँ
लल्लू जी कंफ्यूज कि नंबर वन कैसे वो पाएं।

पीछे से आवाज़ आई कि सौ में सौ ले आओ
फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स सभी में अव्वल तुम कहलाओ।

अव्वल तुम कहलाओ की लल्लू जी को गुस्सा आया
नंबर वन की डेफिनिशन में झटपट फाल्ट बताया।

झटपट फाल्ट बताया कि नंबर वन ले आये रट्टा
नंबर नौ फिर दिख गया उनको था जो हट्टा कट्टा।

था हट्टा कट्टा कि ले आये झोली में भर के
मम्मी पापा वेट कर रहे खड़े गेट पे घर के।

लल्लू जी ने बड़े गर्व से नंबर नौ जो निकाला
पापा मम्मी ने अंदर से जड़ दिया गेट पे ताला।

लल्लू जी तब पहुंचे अंदर बड़ी मिन्नतें कर के
बापू की थी आँखें लाल, हुई गीली पैंट फिर डर के।

कारण बताया नौ नंबर का पड़ा ज़ोर से चांटा
मम्मी ने भी चपत लगाई जी भर के फिर डांटा।

कांसेप्ट वान्सेप्ट गया भाड़ में सौ में सौ तुम लाओ
सौ में सौ तुम लाओ किताबों में चाहे घुस जाओ।

कहत मियां लल्लू जी कि मिल गयी उस दिन एक सीख
मिल गयी उस दिन सीख कि नंबर वन ही जगत की रीत।

 

-शुभम नेगी

 

Shubham Negi
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