Ladkhdate Kadam - Teacher's Day Special | Mid Night Diary | Aman Singh

लड़खड़ाते कदम | अमन सिंह | टीचर’स डे स्पेशल

लड़खड़ाते कदमों को, चलना सिखाया आपने
और पंख फैलाना भी, आपसे सीखा है।

कभी गिरना राहों पर, तो गिरकर संभालना भी, आपसे सीखा है।

देखी दुनिया की हर राह, पर मंजिल पाना, आपसे सीखा है।

जीतना जरूरी है तो क्या, हारकर जीतना भी, आपसे सीखा है।

बेशक़ निगाहें मेरी थी, पर नज़रिया आपका पाया,
हर मुश्किल राह में, साथ आपने निभाया,

गम नहीं की कुछ लम्हों बाद, साथ आपका न रहेगा,
दिल तो खुश है, जीवन में सदा आशीर्वाद आपका रहेगा।

 

-अमन सिंह

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5 thoughts on “लड़खड़ाते कदम | अमन सिंह | टीचर’स डे स्पेशल

  1. चंद पंक्तियों में शिक्षक की महत्वता आपने जाहिर कर दी, मुक्त छंद में एक खूबसूरत रचना।❤️

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