किस्सा ही सही | आशीष कुमार लोधी

हवा की उस सरसराहट का हिस्सा हूँ मैं,
जो सुनाया जा सकूँ, वो किस्सा हूँ मैं,

अगर गलती से सुनाया, तो लड़ जाओगे,
फैसला भर के लिए मिट – मर जाओगे,

लड़ोगे इसलिए
कि क्या गलत, क्या सही है,

जो कुछ अभी बताया
क्या सच में सच वही है,
अरे! अभी तो मैं शुरु हुआ हूँ,

सीखने के लिए स्वयं का गुरु हुआ हूँ,
अच्छा तो शुरुआत करता हूँ

कुछ सीखने की,
यहाँ भी और वहाँ भी
कुछ एक-सा दिखने की,

शीशा ऐसा कि देखा जा सकूँ मैं,
दर्द-ए-इश्क में खुद धोखा खा सकूँ मैं,
कोशिश तुम भी करना साफ देखने की,
जिससे दूसरों में खुद को पा सकूँ मैं।

 

-आशीष कुमार लोधी

 

Ashish Kumar Lodhi
Ashish Kumar Lodhi

714total visits,1visits today

1 thought on “किस्सा ही सही | आशीष कुमार लोधी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: