Khamosh Lamhein | Mid Night Diary | Saransh Shrivastava

खामोश लम्हें | साराँश श्रीवास्तव

पाकीज़गी से लबरेज़
वो वक़्त कितना खूबसूरत होगा
ठिठुरती हुई ठण्ड में
जब हम
किसी दरिया किनारे
ओस की बूंदों को
आग से मिला देंगे

और
सुलगती हुई ठण्ड के साथ
हम साथ में जिए पल को
फिर आंच देंगे
चाँद भी चांदनी के साथ
देख रहा होगा हमे

और
हम देख रहे होंगे ओस और आग का संगम
सुलगती ठण्ड और पिघलती आग का मंजर
न जाने कितने वक़्त बाद मिले होंगे वो
ख़ामोशी से भरे लम्हो को
आवाज़ में पिरोते हुए

हमारी पहली मुलाकात के लम्हो को दोहराते हुए
मैं तुम्हारे ठन्डे हाथो को
अपने हाथों से गर्म करूँगा
धीमी धीमी आंच में
एक शाल में लिपटे
अनगिनत खूबसूरत लम्हो के साथ
तुम्हे वो नज़्म सुनाऊंगा

जो
सबसे पहले मैंने लिखी थी
तुम्हारे लिए

सुनो!
तुम
मेरे काँधे पर
अपना सिर रख लेना
मैं खो जाना चाहता हूँ

तुम्हारे गेसुओं की मदहोश महक में
मैं गुम हो जाना चाहता हूँ तुम में
तुम्हारे नाज़ुक से गलों को
मैं अपने गर्म हाथों से
महसूस करना चाहता हूँ

तुम्हारी पलकों को आहिस्ता से बंद करना चाहता हूँ
और चाहता हूँ
हम करते ही रहें बातें
बात कल की
बात आज की
बात आने वाले कल की
सुनना चाहता हूँ तुम्हे

लहरों की छनकती पायल के साथ
गुनगुनाती हवा की धुन में
अलाव के करीब
तुम्हारा हाथ थामकर
सुनना चाहता हूँ तुम्हे

और सुनाना चाहता हूँ तुम्हे
हर वो रचना
जो तुम्हे
बेहद पसंद है
सुनाना चाहता हूँ

हर वो गीत
जो तुम्हे अच्छे लगतें है
उलझी सी ज़िन्दगी के
उलझे रास्तो से
होकर गुजरने का
वादा करना चाहता हूँ

देना चाहता हूँ तुम्हे थपकियाँ
सुनाना चाहता हूँ तुम्हे लोरियां
देते ही रहूँगा मैं तुम्हे थपकियाँ
तुम सो जाओगी….

तुम तो सोते वक़्त भी कितनी खूबसूरत लगती हो
जीना चाहता हूँ
हरेक लम्हा ज़िन्दगी का
सिर्फ और सिर्फ
तुम्हारे साथ

क्योंकि
सुकून का ज़रिया भी तुम्ही
ख़ुशी की वजह भी हो तुम
इब्तेदा से इन्तेहाँ तक
बस तुम ही हो
सिर्फ और सिर्फ तुम….

 

-सारांश

 

Saransh Shrivastava
Saransh Shrivastava

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2 thoughts on “खामोश लम्हें | साराँश श्रीवास्तव

  1. ☺ Ajeeb si y uljhan hh isseki taareef kru ya kho jau . … Bahut hi pyaara likha hh dost tumne. Alfaz hi km pad jaenge banya krne k liyee…. …
    Superb lines ”””’

    1. Thanks a lot dost. Bahut bada compliment de dia apne to. Dil se shukriya. Bs u hi padhte rahiye u hi suggst krte rahiye.

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