काम ख़तम | मुसाफिर तंज़ीम

रात के 2 बज रहे थे।चारों तरफ सन्नाटा और गलियों में सरकारी लाइटों का उजाला छाया हुआ था। सुमित के घर की बेल लगातार बज रही थी,ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ी मुसीबत में हो ।

सुमित चौंक कर उठा उसे लगा पड़ोस में रहने वाली सीमा ऑन्टी के यहाँ कुछ हो गया है। उसने दरवाजा खोला तो सामने उसका बचपन का दोस्त संदीप था।

सुमित संदीप को देखकर चौंक जाता है।क्योंकि सुमित संदीप को बिल्कुल भी पसंद नहीं करता था ।दोनो एक ही शहर में रहते थे लेकिन बहुत कम ही मिलते थे।

सुमित-संदीप इतनी रात को तुम यहाँ क्या हुआ? सब ठीक तो है,और तू इतना घबराया हुआ क्यों है? संदीप-अंदर चल सब बताता हूँ।

समय-चल चल अंदर चल।

संदीप जाकर सोफे पे निढाल सा बैठ जाता है,सुमित दरवाजा बंद करके संदीप के लिए पानी लाता है। संदीप हड़बड़ाहट में पानी पीता है, और फिर बताता है -कल सुबह जब मैं ऑफिस में था तब मुझे एक मेल आया जिसमें मुझसे कहा गया कि 5 लोगों को मार दो तो तुमको 1 करोड़ रुपया इनाम मिलेगा, जितनी जल्दी काम ख़त्म कर दो उतना अच्छा होगा।

मैंने स्पैम मेल समझ कर डिलीट कर दिया और घर चला गया। घर जाकर देखा कि कोई लेटर आया है मेरे नाम पर,मैंने खोल कर देखा तो वही लेटर था जिसका सुबह मेल आया था।सुनीता से पूछा तो उसने बताया कि सुबह गेट के पास रखा हुआ मिला था।

मैंने किचेन में गया और डरते हुए उस लेटर को जला दिया। आज सुबह जब उठा तो देखा कि लेटर अब भी वहीं टेबल पर रखा है। सुनीता ने कहा कि उसको किचेन में मिला था तो उसने मेरे टेबल पर रख दिया।

मैं घबराते हुए ऑफिस गया वहाँ जाकर पता चला कि मेरे तीन साथियों को किसी ने बड़ी बेरहमी से मार दिया है। पुलिस ने मुझसे पूछताछ की तो मैंने लेटर वाली बात बता दी क्योंकि उन पाँच नामों में से तीन नाम मरे हुए लोगों के थे।

पुलिस को शक है कि ये काम किसी मानसिक रूप से बीमार आदमी का है।घर पहुंचा तो देखा …… संदीप रोने लगता है आवाज़ से कंपकंपी छूटने लगती है।

सुमित उसका हाथ पकड़ कर ढाढस बँधाता है और पानी देता है। संदीप पूरा पानी जल्दी जल्दी पी लेता है। फिर हाँफते हुए बताता है-सुनीता,,,,को किसी ने मार दिया था।

मुझे लगा कहीं पुलिस मुझे ना पकड़ ले इसलिए भागता हुआ इधर उधर भटक रहा हूँ।तुम्हारे और मेरे बारे में कोई नहीं जानता तो यहाँ मुझे कोई नहीं ढूँढेगा ,इसलिए यहाँ आ गया।

सुमित किचेन में पानी लेने जाता है। तभी लाइट चली जाती है,संदीप को ऐसा लगता है जैसे किसी ने उसे पकड़ लिया है और वो उससे पूछता है-बाकी के दो नाम कौन से थे?

संदीप अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करता है लेकिन सफल नहीं होता। संदीप हार कर बता देता है-सुनीता,,, सुमित
आवाज़-तो काम खत्म करेगा कि नहीं पकड़ धीरे धीरे बढ़ने लगती है।

संदीप दबी हुई आवाज में कहता है-हाँ करूँगा करूँगा। पकड़ ढीली हो जाती है ,सुमित किचेन से मोमबत्ती और पानी लेकर आ रहा होता है तभी संदीप पीछे चाकू से उस पर हमला कर देता है।

सुमित तड़प कर मर जाता है। संदीप सुमित के कान में धीरे से कहता है-“काम ख़त्म हो गया”

 

-मुसाफिर तंज़ीम

 

Musafir Tanzeem
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