Jaruri Tha | Mid Night Diary | Manjari Soni

जरुरी था | मंजरी सोनी

अब जाना मैंने के जाना उसका ज़रूरी था।

दर्दनाक हीं सही लेकिन उस हादसे का होना ज़रूरी था।।

 

हमारे सवरने के लिये उसका हमें तोड़ना ज़रूरी था।

ख़ुद का हाथ थामने के लिये उसका हाथ छोड़ के जाना ज़रूरी था।।

 

कुछ काग़ज़ पर गुदने के लिये उसका यादें दे जाना ज़रूरी था।

जो सजाते रहे बार बार वो ख़्वाब दे जाना ज़रूरी था।।

 

कोशिश पूरी करी थी हमने रोकने की ये बोलने के लिये हमारा उसके सामने गिड़गिड़ाना भी ज़रूरी था।

आँसुओ को रोकने अौर दिल को बहलाने के लिए इस खेल को नियति का लिखा बोलना ज़रूरी था ।।

 

अब जाना मैंने के जाना उसका ज़रूरी था ।।

 

-मंजरी सोनी 

 

Manjari Soni
Manjari Soni

931total visits,1visits today

Leave a Reply