Gharwale | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap 'Tejas'

घरवाले | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’

चाहूॅ तो भी वो दिलवाले नहीं मिलेंगे
लौट कर अब वो घरवाले नहीं मिलेंगे ।।

फिक्र तो है दुनिया को भी, इस गाफिल की
पर पापा की ऑखों जैसे रखवाले नहीं मिलेंगे ।।

पेट तो भरना ही होता है, जीवन के खातिर
पर मॉ के हाथों से ममता के निवाले नहीं मिलेंगे ।।

गुस्सा औ’ फिर रूठना, तो जिंदगी का हिस्सा है
पर भाई-बहन के प्यार से लड़ने वाले नहीं मिलेंगे ।।

तजुब़ार् उम्र का बहुत बड़ा होता है, आज समझे
पर बाबा-दादी से अब नसीहत वाले नहीं मिलेंगे ।।

यूॅ तो घूमेंगे अभी कई महलों और मीनारों में
पर गंगा तीरे वो साधु और शिवाले नहीं मिलेंगे ।।

चाय पिला ही देगा कोई इस यायावर को
पर होंठों को मिट्टी के वो प्याले नहीं मिलेंगे ।।

बंद कर दे जो मेरे यादों के अश्कों को ‘तेजस’
दुनिया में अब खुशियों के वो ताले नहीं मिलेंगे ।।

 

-दिव्यांशु कश्यप ‘तेजस’

 

Divyanshu Kashyap TEJAS
Divyanshu Kashyap TEJAS

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