दुआ कौन देगा | अमिता गौतम | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

तू चली गई दूर माँ, अब दुआ कौन देगा,
भूख लगेंगी तो,खाने को पुआ कौन देगा,
यहाँ कितने लोग है जो चाहते है मेरा बुरा,
जब आएगी कोई मुश्किल, सलाह कौन देगा।

अपने ज़ख्मो की खुद दवा कैसे बँनू,
तूफ़ान ही तूफ़ान है अंदर, हवा कैसे बँनू,
भटक रही दर- बदर अब पनाह कौन देगा,
बुझता दिया हूँ माँ, साथ यहाँ कौन देगा।।

रो रहे है नयन माँ, टूट रही है अस्थिया,
हालात की वजह पुँछ रही परिस्थितियां,
संतावना वही अब बार बार कौन देगा,
रखने को सर कन्धा हर बार कौन देगा।।

बचपन छोड़ जवानी में कदम रख लिया है,
कौन है अपना कौन नहीं, सब परख लिया है,
इस तरह का अपनापन कहाँ कौन देगा,
सुन्दर सी परियों वाला वो जहां माँ कौन देगा।।

दुनिया में लोग मिलते है, फिर बिछड़ जाते है,
एक-दूसरे की जलन में जहाँ खुद पिछड़ जाते है,
यहाँ आगे बढ़ने का मुझे आशीर्वाद कौन देगा,
पूजा की थाल का माँ वो प्रसाद कौन देगा।।

 

 

-अमिता गौतम

 

Amita Gautam
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